
नई दिल्ली। लोकसभा में लंबी बहस के बाद देर रात वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। इसके बाद इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया, जहां पक्ष और विपक्ष के नेता इस पर अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। एनडीए के घटक दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने इस बिल का समर्थन किया, जिससे पार्टी में आंतरिक कलह बढ़ गई है।
जेडीयू के समर्थन से मुस्लिम नेता नाराज
सीएम नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद जेडीयू के भीतर असंतोष उभर आया है। पार्टी के इस समर्थन से मुस्लिम नेता नाखुश हैं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता कासिम अंसारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मोहम्मद कासिम ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र भेजा है। उन्होंने इस्तीफे का कारण वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन को बताया है। जेडीयू में नाराजगी की यह शुरुआत मानी जा रही है और संभावना जताई जा रही है कि कई अन्य मुस्लिम नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। गुलाम रसूल बलियावी भी जेडीयू से अलग होने का विचार कर सकते हैं।
जेडीयू के मुस्लिम नेताओं पर मुस्लिम संगठनों का दबाव बढ़ने लगा है। विभिन्न संगठनों और समुदायों से नेताओं पर इस बिल के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया जा रहा है।
मोहम्मद कासिम के इस्तीफे में क्या कहा गया?
पूर्वी चंपारण जिले के प्रवक्ता रहे मोहम्मद कासिम ने अपने त्यागपत्र में लिखा, “हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप (नीतीश कुमार) विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने जिस अंदाज में इस बिल का समर्थन किया, उससे वे बेहद आहत हुए हैं।
उन्होंने लिखा, “वक्फ बिल भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध है। हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते। यह बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है। इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रुसवा किया जा रहा है। साथ ही यह बिल पसमांदा विरोधी भी है, जिसका एहसास न तो आपको (नीतीश कुमार) है और न ही आपकी पार्टी को। मुझे अफसोस हो रहा है कि मैंने अपनी जिंदगी के कई वर्ष इस पार्टी को दिए। अतः मैं पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहा हूं।”
कौन हैं कासिम अंसारी?
डॉ. मोहम्मद कासिम अंसारी जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं। वे चिकित्सा प्रकोष्ठ पूर्वी चंपारण के सह जिला प्रभारी थे। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने ढाका विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
जेडीयू द्वारा लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किए जाने के कारण कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पार्टी के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।