
नवीन यादव-इंदौर। इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम के नामांकन वापस लेने और भाजपा में जाने के बाद कांग्रेस इस क्षेत्र में प्रत्याशी विहीन हो गई है। इस मामले में पटवारी का कहना है कि अगर हमारा उम्मीदवार मैदान में नहीं है तो क्या हुआ। हम जनता को बोलेंगे कि वह मतदान करने जाएं लेकिन नोटा दबाएं। उन्होंने तो अपने कार्यकर्ताओं से यह तक कह दिया कि हम इंदौर की जनता को नोटा का विकल्प देकर भाजपा को सबक सिखाएंगे।
अगर ऐसा होता है तो इंदौर नोटा के रिकॉर्ड में बिहार जैसा उदाहरण बन सकता है । दरअसल 2019 के लोस चुनाव में देश में सबसे ज्यादा वोट नोटा को बिहार में मिले थे। बिहार में 8,16,950 मतदाताओं ने इसका प्रयोग किया। यहां करीब 7 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। वहीं मप्र में 3,40,984 मतदाताओं ने नोटा दबाया था।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
राजनीतिक विशेषज्ञ सुनील जोशी कहते हैं कि भारत में अभी मतदाता इतने जागरूक नहीं हुए हैं, अगर उन्हें कोई उम्मीदवार पसंद नहीं है, तो वे वोट डालने नहीं जाएंगे। नोटा में राइट टू रिजेक्ट का अधिकार जुड़े तो कुछ बात बन सकती है ।
लालवानी को मिले थे 10 लाख से अधिक वोट : 2019 के लोस चुनाव में इंदौर में शंकर लालवानी को कुल 65.59 प्रतिशत यानी 10,68,569 वोट मिले थे , वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी को 31.97 प्रतिशत के साथ 5,20,815 वोट मिले थे।
इंदौर के 6 विस क्षेत्र में चुनाव, 15 हजार ने नोटा चुना था
2023 के विधानसभा चुनाव में इंदौर की सभी विधानसभाओं में करीब 20 लाख वोट डले थे, जिसमें से केवल 15 हजार मतदाताओं ने नोटा को चुना था जबकि बीते लोस चुनाव 2019 में तो इसकी संख्या केवल 5045 थी।
यह गलत परंपरा है
प्रजातंत्र में यह गलत परंपरा शुरू की जा रही है। लोग अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए स्वतंत्र है, एक राष्ट्रीय दल इस प्रकार से कर रहा है तो यह प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं है। -शंकर ललवानी, भाजपा उम्मीदवार, इंदौर लोकसभा
मतदाता चाहें तो करें प्रयोग
नोटा का विकल्प ईवीएम मशीन पर दिया गया है, जिसका उपयोग मतदाता तब कर सकता है जब उसे लग रहा है कि इनमें से कोई भी उम्मीदवार उसके पसंद का नहीं है तो वह नोटा का बटन दबा सकता है। -अनुपम राजन,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
भाजपा को सबक सिखाएंगे
इंदौर की जनता नोटा का बटन दबाकर भाजपा को सबक सिखाएगी। हम मतदाताओं से कहेंगे कि कांग्रेस नहीं है तो क्या हुआ आप नोटा को वोट दें। -जीतू पटवारी, अध्यक्ष, मप्र कांग्रेस