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कम्युनिटी कनेक्ट व सेल्फ ग्रोथ के लिए वालंटियर वर्क बना स्टूडेंट्स की पसंद

स्टूडेंट्स वालंटियर वीक : सोशल वर्क से जुड़कर अपना प्रोफाइल भी कर सकते हैं बेहतर
कम्युनिटी कनेक्ट व सेल्फ ग्रोथ के लिए वालंटियर वर्क बना स्टूडेंट्स की पसंद

प्रीति जैन- स्टूडेंट्स के बीच वालंटियर वर्क करने का चलन बढ़ रहा है। इसके पीछे एकेडमिक कारण तो होते ही हैं लेकिन उससे बढ़कर सोशल वर्क से जुड़े कामों में वालंटियर वर्क करना दूसरों के लिए कुछ करने का अहसास देता है। इससे न समाज की समस्याओं को करीब से देखने के साथ ही सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी की भावना का भी विकास होता है। यही वजह है कि अब स्टूडेंट्स सोशल प्रोजेक्ट को अपनी सेल्फ ग्रोथ के रूप में लेने लगे हैं, जो कि उन्हें कम्युनिटी से कनेक्ट करने का मौका देते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, वे स्वाभाविक रूप से नेतृत्व, समय प्रबंधन, समस्या समाधान जैसे नौकरीसं बंधी कौशल में उत्कृष्टता प्राप्त कर पाते हैं, जिससे आवेदन और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहता है।

इंटर्नशिप व मेंटरशिप भी मिल पाती है

लीडरशिप स्किल, इवेंट प्लानिंग, टीम मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे स्वैच्छिक प्रयासों में जिम्मेदारी संभालने से छात्र अपनी नेतृत्व क्षमता को निखार सकते हैं। स्टूडेंट वालंटियर के रूप में सोशल वर्क से जुड़कर अपने सामाजिक कौशल का अभ्यास कर सकते हैं और नए लोगों से मिल सकते हैं। विभिन्न वर्गों के प्रति सहानुभूति और अन्य संस्कृतियों के बारे में बेहतर ज्ञान विकसित कर सकते हैं। वे यह जानकर अच्छा महसूस कर पाते हैं कि वे समुदाय के लिए कुछ मूल्यवान कर रहे हैं। स्वयंसेवा के माध्यम से नेटवर्किंग के कई अवसर मिल सकते हैं। जब आप स्थानीय संगठनों से जुड़ते हैं, तो आप कई तरह के लोगों को जान पाते हैं, जिनमें पेशेवर अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं, जिनकी रुचियां समान हैं। इस तरह रोजगार के अवसर, इंटर्नशिप और मेंटरशिप भी मिल पाती है। - राजीव मिश्रा, कम्युनिकेशन एक्सपर्ट

क्लास से बाहर भी मिला नॉलेज व ग्रोथ का अवसर

छात्र विभिन्न माध्यमों या प्लेटफॉर्म जैसे कि स्थानीय गैर-लाभकारी संस्थाओं और सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से स्वयंसेवा के अवसर पा सकते हैं। कक्षा के बाहर अपने ज्ञान को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। साथ ही दूसरों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने का अवसर मिलता है। मैं एनएसएस से साल 2018 से जुड़ी हूं। - आयुषी सिंह, एनएसएस वालंटियर

छह साल से सोशल वर्क के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ हूं

वालंटियर वर्क के जरिए कक्षा के बाहर टाइम मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ स्किल्स विकसित कर पाते हैं। मैं छह साल से एनएसएस से जुड़ा हूं। इससे मिलने वाले ए और सी सर्टिफिकेट कॉलेज एडमिशन में वेटेज देते हैं। साथ ही सोशल वर्क से जुड़कर स्टूडेंट्स अपना प्रोफाइल भी बेहतर कर पाते हैं। - राकेश पंडित, एनएसएस वालंटियर

People's Reporter
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