LPG Price Hike:3 महीने में दूसरी बार बढ़े LPG के दाम, घरेलू सिलेंडर 29 रुपए मंहगा तो कमर्शियल 1422 रुपए

देशभर के करोड़ों परिवारों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें 7 जून से लागू हो गई हैं। इससे पहले मार्च में भी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण गैस के दाम बढ़ाने पड़े हैं। खासतौर पर ईरान से जुड़े संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पैदा हुई अनिश्चितता का सीधा असर एलपीजी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अब 942 रुपए का
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपए से बढ़कर 942 रुपए हो गई है। इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। यानी पिछले तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपए महंगा हो चुका है।
घरेलू गैस का उपयोग लगभग हर घर में होता है। ऐसे में कीमतों में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर परिवारों के मासिक खर्च पर असर डाल सकती है।
ईरान संकट के बाद कितना महंगा हुआ गैस सिलेंडर?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल-गैस की वैश्विक आपूर्ति पर पड़े असर के कारण एलपीजी सिलेंडर लगातार महंगे हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान संकट शुरू होने के बाद-
- कमर्शियल सिलेंडर 1422 रुपए तक महंगा हुआ है।
- घरेलू सिलेंडर 89 रुपए महंगा हुआ है।
- 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर 11 रुपए महंगा हुआ है।
कमर्शियल सिलेंडर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सबसे ज्यादा असर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर देखने को मिला है। ईरान संकट शुरू होने से पहले जनवरी तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1691.50 रुपए थी। इसके बाद मई महीने में इसकी कीमत में एक साथ 993 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी की गई। अब 7 जून को फिर 42 रुपए दाम बढ़ा दिए गए हैं।
इस तरह फरवरी के बाद से कमर्शियल सिलेंडर कुल 1422 रुपए महंगा हो चुका है। यह लगभग 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में होता है। ऐसे में बढ़ती कीमतों से इन कारोबारों की लागत काफी बढ़ गई है। कई छोटे व्यवसायों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
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घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कितनी बढ़ी?
14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत संकट से पहले 853 रुपए थी। इसके बाद 7 मार्च को 60 रुपए की बढ़ोतरी हुई। 7 जून को फिर 29 रुपए बढ़ाए गए। दोनों बढ़ोतरी को जोड़ें तो घरेलू सिलेंडर अब तक 89 रुपए महंगा हो चुका है।
इसका असर सीधे तौर पर आम परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का विषय बन सकता है।
छोटा सिलेंडर भी हुआ महंगा
केवल बड़े सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी बढ़ाई गई है। 1 जून को इसकी कीमत में 11 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 821.50 रुपए हो गई है।
यह सिलेंडर अक्सर छात्रों, मजदूरों, प्रवासी कामगारों और छोटे परिवारों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इस वर्ग पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई देगा।
क्या गैस की सप्लाई पर कोई असर पड़ा है?
कीमतें बढ़ने के बीच लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या गैस की सप्लाई प्रभावित होगी? इस पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। मंत्रालय के अनुसार किसी भी गैस एजेंसी पर गैस की कमी की स्थिति नहीं है। देशभर में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को घबराने या अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि संकट के बावजूद लोगों तक गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
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कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी
सरकार ने यह भी बताया है कि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। देशभर में निगरानी बढ़ाई गई है ताकि कोई भी व्यक्ति या एजेंसी कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी न कर सके। इसके अलावा तेल कंपनियों और प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन बुकिंग पहुंची 99 प्रतिशत तक
सरकार ने एलपीजी बुकिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब लगभग 99 प्रतिशत गैस बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। वहीं करीब 95 प्रतिशत गैस डिलीवरी ग्राहकों के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी के जरिए सत्यापित की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और हेराफेरी को रोकना है।











