अमेरिकी सरकार की यह नई योजना अवैध प्रवासियों को स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश मानी जा रही है। मुफ्त यात्रा, आर्थिक सहायता और कुछ दंडों में राहत जैसी सुविधाओं के जरिए सरकार निर्वासन की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहती है।
DHS की इस योजना के तहत अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों को अपने मूल देश या किसी ऐसे देश में लौटने के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी, जहां उन्हें कानूनी तौर पर रहने की अनुमति हो। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को 2600 डॉलर तक का 'एग्जिट बोनस' भी दिया जा सकता है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 2 लाख 40 हजार रुपये के बराबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना का मकसद स्वेच्छा से देश छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाना है, ताकि निर्वासन की जटिल और महंगी प्रक्रिया से बचा जा सके।
DHS ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए कुछ कानूनी दंडों में राहत दी जा सकती है। आम तौर पर जो लोग निर्वासन के आदेश के बाद भी अमेरिका नहीं छोड़ते, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि, इस योजना के तहत ऐसे कुछ जुर्मानों को माफ करने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग स्वेच्छा से देश छोड़ते हैं तो उन्हें भविष्य में कानूनी तरीके से अमेरिका लौटने का अवसर भी मिल सकता है।
ये भी पढ़ें: केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में एंट्री को लेकर नई तैयारी: सारा अली खान को प्रवेश के लिए देना होगा एफिडेविट
DHS ने इस योजना के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। एक पोस्ट में ताजमहल की तस्वीर के साथ बिना दस्तावेज वाले भारतीयों से घर लौटने की अपील की गई। पोस्ट में कहा गया कि कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) होम ऐप के जरिए लोग खुद अपनी वापसी की प्रक्रिया तय कर सकते हैं, और उन्हें मुफ्त उड़ान के साथ आर्थिक सहायता भी मिल सकती है। हालांकि इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।