विशाखापट्टनम स्टील प्लांट हादसा:1600°C पिघला लोहा मजदूरों पर गिरा, PM मोदी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख मदद का किया ऐलान

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित स्टील प्लांट में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। प्लांट में करीब 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला हुआ लोहा मजदूरों पर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में क्रेन की मदद से एक बड़े कंटेनर में पिघला हुआ लोहा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कंटेनर का संतुलन बिगड़ गया और उसमें भरा मोल्टन आयरन नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर गिर गया। हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू
घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। टीम ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही तो दुर्घटना की वजह नहीं बनी।
PM मोदी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने लिया हालात का जायजा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर दुख जताया। वहीं राज्य की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने विशाखापट्टनम कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्टील प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे के समय कई कर्मचारी नीचे काम कर रहे थे। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।












