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विशाखापट्टनम की HPCL रिफाइनरी में धमाके के बाद आग, कंपनी का आया बयान, सभी यूनिट सुरक्षित

विशाखापट्टनम की HPCL रिफाइनरी में 2 नवंबर की रात आग लगी। पिच टैंक तक सीमित आग पर काबू पाया गया। कंपनी ने किसी के हताहत होने से इनकार किया।
विशाखापट्टनम की HPCL रिफाइनरी में धमाके के बाद आग, कंपनी का आया बयान, सभी यूनिट सुरक्षित

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में HPCL रिफाइनरी में सोमवार रात आग लग गई। घटना 2 नवंबर 2026 को रात करीब 10 बजे हुई। आग रिफाइनरी के पिच इंटरमीडिएट स्टोरेज टैंक में लगी थी। कंपनी के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।

आग के दौरान आसमान में ऊंची लपटें दिखाई दीं। आसपास के इलाकों में काले धुएं का गुबार फैल गया। स्थानीय लोगों ने धमाके जैसी आवाज सुनने की बात कही। हालांकि, शुरुआत में पुलिस ने धमाके की पुष्टि नहीं की थी।

HPCL रिफाइनरी धमाका कहां हुआ?

विशाखापट्टनम के गजुवाका औद्योगिक क्षेत्र में HPCL की रिफाइनरी स्थित है। पुलिस इंस्पेक्टर प्रकाश राव के मुताबिक, आग रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (अवशेषों को उपयोगी उत्पादों में बदलने वाला संयंत्र) में लगी। यह आग सल्फर पिच टैंक तक सीमित बताई गई।

सल्फर पिच रिफाइनरी में तैयार होने वाला एक अवशिष्ट उत्पाद है। इसका इस्तेमाल औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में होता है। आग इसी से जुड़े स्टोरेज टैंक में लगी थी। इससे रिफाइनरी परिसर में धुआं और लपटें दिखाई दीं।

स्थानीय लोगों ने धमाके की आवाज सुनने की जानकारी दी थी। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, इसकी जांच के बाद ही कारण सामने आएगा।

दमकल टीमों ने कैसे संभाला मोर्चा?

आग लगने की सूचना मिलते ही रिफाइनरी की फायर एंड सेफ्टी टीम सक्रिय हुई। HPCL के मुताबिक, टीम ने तुरंत आपातकालीन कार्रवाई शुरू की। कंपनी ने बताया कि आग को प्रभावित टैंक तक सीमित रखा गया।

शुरुआती खबरों में पांच दमकल गाड़ियों के पहुंचने की जानकारी दी गई थी। बाद की रिपोर्टों में HPCL की आंतरिक दमकल टीमों की कार्रवाई सामने आई। कंपनी ने बताया कि आग कम समय में नियंत्रण में आ गई। सभी रिफाइनरी यूनिट सुरक्षित तरीके से काम कर रही थीं।

आग की घटना पर कंपनी का बयान

HPCL ने 3 नवंबर को घटना को लेकर जानकारी साझा की। कंपनी के अनुसार, आग 2 नवंबर रात करीब 10 बजे लगी थी। आग पिच इंटरमीडिएट स्टोरेज टैंक के क्षेत्र तक सीमित रही। कंपनी ने कहा कि आग पर कम समय में काबू पा लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली। HPCL ने सभी यूनिट के सुरक्षित संचालन की भी पुष्टि की।

आसपास के लोगों में फैली घबराहट?

आग की ऊंची लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। घने धुएं के कारण आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई। कुछ स्थानीय लोगों ने धमाके जैसी आवाज सुनने की बात कही। आग की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए।

पुलिस कमिश्नर शंखब्रत बागची ने आग लगने की पुष्टि की थी। उनके मुताबिक, आग टैंक तक सीमित थी। इससे रिफाइनरी के दूसरे हिस्सों को खतरा नहीं था। बाद में कंपनी ने भी सभी यूनिट सुरक्षित होने की जानकारी दी।

1957 में शुरू हुई थी रिफाइनरी

विशाखापट्टनम की HPCL रिफाइनरी की शुरुआत 1957 में हुई थी। इसे पहले विशाख रिफाइनरी के नाम से जाना जाता था। यह भारत के पूर्वी तट की पहली तेल रिफाइनरी थी। शुरुआत में इसकी क्षमता 6.75 लाख मीट्रिक टन सालाना थी।

बाद में अलग-अलग चरणों में इसकी क्षमता बढ़ाई गई। अब इसकी सालाना कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता 1.5 करोड़ मीट्रिक टन है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसने 1.604 करोड़ मीट्रिक टन कच्चा तेल प्रोसेस किया।

रिफाइनरी में कौन से उत्पाद बनते हैं?

HPCL की विशाख रिफाइनरी में कच्चे तेल का प्रसंस्करण होता है। यहां पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा एलपीजी, नैफ्था और बिटुमेन भी बनाए जाते हैं। बिटुमेन का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाता है। रिफाइनरी में सल्फर और अन्य औद्योगिक उत्पाद भी तैयार होते हैं। इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।

Jitendra Shrivastava
By Jitendra Shrivastava

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