
विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित एक बंदरगाह में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। सबसे पहले आग एक बोट में लगी, जो धीरे-धीरे 40 बोट तक फैल गई। जानकारी के मुताबिक, बंदरगाह पर खड़ी 40 से ज्यादा मैकेनाइज्ड फिशिंग बोट्स जलकर राख हो गईं। आग लगने की शुरुआत रविवार देर रात हुई, जो सोमवार तड़के तक जारी रही है। कई फायर टेंडर्स ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका
फिशिंग हार्बर में आग लगने से 25-30 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आग रात करीब 11 बजे लगी। मछुआरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम को इसकी जानकारी दी। वहीं मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कैसे लगी आग
आग लगने की इस घटना के पीछे एलपीजी सिलेंडर को जिम्मेदार माना जा रहा है। नावों पर रखे एलपीजी सिलेंडरों में जोरदार धमाका हुआ और अफरा-तफरी मच गई। इसके फटने की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। बंदरगाह पर मछली पकड़ने वाली नावें खड़ी थीं। जहां एक के बाद एक नाव ने आग पकड़ ली। हालांकि, अभी भी ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर एलपीजी सिलिंडर में धमाके किस वजह से हुए। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने , आशंका जताई है कि कुछ शरारती तत्वों ने नावों में आग लगाई है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है। रविवार रात करीब 11 बजे लगी और पर सोमवार सुबह करीब 4 बजे तक काबू पाया जा सका।
एक नाव की कीमत 40 लाख रुपए
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के आनंद रेड्डी ने बताया कि, अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। आग लगने की वजह से मछली पकड़ने वाली लगभग 40 नावें जल गईं। हर नाव की कीमत कम से कम 40 लाख रुपए थी।
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