पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और खाड़ी देशों में ईरान के हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। कई देशों में हवाई सेवाएं बाधित होने के कारण बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भारत में फंस गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा मानवीय कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को राहत देते हुए उनके वीजा की अवधि 30 दिनों के लिए बढ़ा दी जाएगी और ओवरस्टे पेनल्टी पूरी तरह माफ कर दी जाएगी। सरकारी जानकारी के अनुसार जिन विदेशी नागरिकों का ई-वीजा या नियमित वीजा समाप्त हो चुका है या जल्द खत्म होने वाला है, उन्हें मुफ्त में 30 दिनों का वीजा विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा उन लोगों के लिए है जो मौजूदा हालात के कारण तय समय पर अपने देश नहीं लौट पाए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी के बाद से जारी संघर्ष के कारण जो विदेशी नागरिक भारत में तय समय से अधिक रुक गए हैं, उनसे किसी तरह का जुर्माना नहीं लिया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में वीजा अवधि से ज्यादा समय तक रुकने पर ओवरस्टे पेनल्टी देनी पड़ती है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसे पूरी तरह माफ कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग सामान्य होंगे, प्रभावित विदेशी नागरिकों को बिना किसी शुल्क के एग्जिट परमिट जारी किए जाएंगे ताकि वे सुरक्षित अपने देश लौट सकें। सरकार ने यह भी कहा है कि अगर तकनीकी कारणों से कोई विदेशी नागरिक वीजा विस्तार या एग्जिट परमिट के लिए आवेदन नहीं कर पाता है तो इसे आव्रजन कानूनों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
पश्चिम एशिया में हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान ने उन खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस संघर्ष के कारण कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और ऊर्जा संकट की आशंका भी बढ़ गई है। उड़ानें रद्द होने के कारण बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और नागरिक भारत समेत कई देशों में फंस गए हैं।
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भारत सरकार के इस फैसले से उन हजारों विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो मौजूदा संकट के कारण अनिश्चितता में फंसे हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मानवीय सोच और सहयोगी भूमिका को भी दर्शाता है।