सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रही 15 दिन की भूख हड़ताल को हिंसा भड़कने के बाद समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि हिंसा उनकी मांगों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
सोनम वांगचुक ने गांधीवादी तरीके से केंद्र सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने के लिए क्रमिक अनशन शुरू किया था। उन्होंने वीडियो संदेश में युवाओं से शांति बनाए रखने और हिंसा से दूर रहने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि हिंसा उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है।
लद्दाख आंदोलन के दौरान युवाओं का गुस्सा उग्र हो गया। लेह में प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों और भाजपा कार्यालय में आग लगाई और पुलिस के साथ झड़प की। इस दौरान एक पुलिस वैन में भी आग लग गई।
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) की युवा शाखा ने वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। आंदोलन का उद्देश्य लद्दाख को पूर्ण राज्य और छठी अनुसूची का दर्जा दिलाना था।
इससे पहले 20 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने लद्दाखी नेतृत्व के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। बातचीत का अगला दौर 6 अक्टूबर को निर्धारित है।