होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति का भारत दौरा :PM मोदी से मिली, जानें क्यों अहम है यह दौरा

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की ठप होती आवाजाही के बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरे को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तेल आपूर्ति बढ़ाने को लेकर अहम बातचीत हुई है।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रोड्रिगेज से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत और वेनेजुएला के रिश्तों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की अहम भूमिका रही है और यह यात्रा द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
होर्मुज संकट के कारण भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए नए और भरोसेमंद तेल आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है। ऐसे समय में वेनेजुएला एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल वेनेजुएला भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो भारत को वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ाना होगा। इसी वजह से यह दौरा रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना वेनेजुएला
एनर्जी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया। इस दौरान उसने सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। केवल रूस और UAE से ही भारत को उससे ज्यादा तेल मिला।
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल की तुलना में मई में भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल आपूर्ति लगभग 50 फीसदी बढ़ गई। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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प्रतिबंधों के बाद फिर मजबूत हो रहे रिश्ते
वेनेजुएला लंबे समय तक भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल रहा है। 2012 में यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर था और कई वर्षों तक शीर्ष पांच में बना रहा। 2019 तक वेनेजुएला हर साल करीब 1.6 करोड़ टन कच्चा तेल भारत भेजता था।
हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने कुछ समय के लिए वहां से तेल खरीदना बंद कर दिया था। बाद में प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद अप्रैल 2026 से भारतीय कंपनियों ने फिर से वेनेजुएला से तेल आयात शुरू किया। अब दोनों देश ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।











