अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 31 दिनों से चल रहे युद्ध के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल संसाधनों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। ट्रंप ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा करना है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण द्वीप को बहुत आसानी से नियंत्रित कर सकती है।
ट्रंप ने कहा, 'सच कहूं तो मेरा सबसे पसंदीदा काम ईरान के तेल पर कब्जा करना है।' उन्होंने खर्ग द्वीप की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर बताया और दावा किया कि अमेरिकी सेना इसे बहुत आसानी से ले सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अगर अमेरिका इस द्वीप पर कब्जा करता है, तो वहां सैनिकों को लंबे समय तक तैनात रहना पड़ सकता है।
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ट्रंप ने इसे वेनेजुएला की स्थिति से जोड़ा, जहां अमेरिका ने वहां के तेल उद्योग को नियंत्रित करने के लिए लंबी अवधि की योजना बनाई थी। उनका इरादा यही है कि खर्ग द्वीप पर कब्जा करके अमेरिका ईरान की आर्थिक और सैन्य शक्ति पर दबाव बना सके।
खर्ग द्वीप ईरान के तट से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित है और ईरान की तेल अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है।
इरान के पास दुनिया का तीसरा या चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है, जो लगभग 209 अरब बैरल के करीब है। खर्ग द्वीप वह मुख्य केंद्र है जहां से यह तेल टैंकरों में भरकर वैश्विक बाजारों तक भेजा जाता है।
इस द्वीप पर कब्जा करने का मतलब होगा ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति को कमजोर करना। अगर अमेरिका या किसी अन्य देश ने खर्ग पर नियंत्रण हासिल कर लिया, तो ईरान की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बंद हो जाएगा।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन खर्ग द्वीप पर केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता। अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टारगेटेड ऑपरेशन और खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की योजना बना रहा है। इसमें फुल-फ्लेज लेवल का आक्रमण नहीं होगा, बल्कि स्पेशल फोर्सेज और इन्फेंट्री सैनिकों का इस्तेमाल होगा। इसका मुख्य मकसद ईरान की वैश्विक ऊर्जा मार्गों पर पकड़ को कमजोर करना है।
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वाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना किसी भी समय खर्ग द्वीप पर हमला कर सकती है या उसे नियंत्रित कर सकती है।
ट्रंप प्रशासन का मकसद केवल तेल पर कब्जा करना नहीं है। इसका लक्ष्य ईरान पर 'प्रेशर पॉइंट' बनाना है। खर्ग द्वीप पर कब्जा करके अमेरिका ईरान को मजबूर कर सकता है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दे।
इसके अलावा, खर्ग द्वीप पर कब्जा करने से अमेरिका ईरान की कमाई और सैन्य क्षमता दोनों को नियंत्रित कर सकता है। ट्रंप की यह रणनीति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल बाजारों में अमेरिका के हितों को मजबूत करने की दिशा में भी काम करती है।