इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक तकरार में बदल गया है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साध रही हैं।
भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है और इसे देश के कई महान क्रांतिकारियों ने सम्मान दिया था।
सुमित मिश्रा ने कहा कि महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और अशफाकउल्ला खां जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने भी ‘वंदे मातरम’ का सम्मान किया और इसे देशभक्ति का प्रतीक माना।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी तरह की सोच ने पहले देश के विभाजन की नींव रखी थी। उनका कहना था कि ‘वंदे मातरम’ का विरोध सबसे पहले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था और आज भी कुछ लोग उसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं।
सुमित मिश्रा ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी सच में ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करती है, तो विरोध करने वाले अपने पार्षदों पर कार्रवाई करे और उन्हें पार्टी से बाहर करे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का नाम लेते हुए कहा कि इस मामले में पार्टी को साफ रुख अपनाना चाहिए।
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भाजपा नेता ने कहा कि अगर कांग्रेस अपने पार्षदों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो इससे साफ हो जाएगा कि पार्टी राष्ट्रहित से ज्यादा दूसरी विचारधाराओं के रास्ते पर चल रही है। इस विवाद के बाद इंदौर की राजनीति में ‘वंदे मातरम’ का मुद्दा फिलहाल गरमा गया है।