इंदौर नगर निगम की बजट बैठक उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख ने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार कर दिया। उनके इस कदम के बाद सदन में सियासी पारा चढ़ गया और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।
बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान जब ‘वंदे मातरम’ गाने की बात आई, तो फौजिया शेख ने साफ तौर पर मना कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह गाना गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और ऐसा कोई कानून भी नहीं है। उनके इस बयान पर भाजपा पार्षद भड़क उठे और विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नारेबाजी और तीखी बहस के बीच सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा। बढ़ते विवाद को देखते हुए सभापति ने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने के निर्देश दे दिए। इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।
हंगामे के दौरान सदन में आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ। ‘गद्दार’ और ‘कुत्ते भौंकते हैं’ जैसे शब्दों को लेकर पार्षद आमने-सामने आ गए। कुछ पार्षद तो विरोध करते हुए सभापति की कुर्सी तक पहुंच गए, जिससे माहौल पूरी तरह अराजक हो गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी निगम की बैठक में भागीरथपुरा कांड को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी।