प्रभा उपाध्याय, इंदौर। वेलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले भिलाई में इंदौर की मेघा पालीवाल और आदित्य साहू की 9 साल पुरानी प्रेम कहानी अब सात फेरों बंधने जा रही है। यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि उस वचन की सजीव मिसाल है, जो मुश्किल वक्त में भी डगमगाया नहीं। जब मेघा की दोनों किडनियां फेल होने की खबर आई, तो हालात ने रिश्ते की परीक्षा ले ली। लेकिन आदित्य ने साथ छोड़ने के बजाय उनका हाथ और मजबूती से थाम लिया। यह बंधन उन लोगों के लिए आईना है, जो मुश्किलों में रिश्तों से मुंह मोड़ लेते हैं।
मेघा और आदित्य की मुलाकात 2017 में बड़ौदा की एक कंपनी में काम के दौरान हुई थी। 21 जुलाई 2024 को शादी की तारीख तय हुई और तैयारियां भी शुरू हो गईं। शादी की तैयारियों के बीच मेघा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के बाद जांच में पता चला कि मेघा की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। यह खबर परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी, लेकिन आदित्य ने मेघा का हाथ थामकर कहा- ‘यह हाथ कभी नहीं छोड़ूंगा।’
मेघा की बड़ी बहन चंचल के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाई जा चुकी है, लेकिन मेडिकल कारणों से कोई भी किडनी डोनेट नहीं कर पाया। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अहमदाबाद और कोलकाता में कडेवर ट्रांसप्लांट के लिए आवेदन किया है। परिवार को भरोसा है कि आदित्य जैसा जीवनसाथी मिलना मेघा की सबसे बड़ी ताकत है। शादियों के कार्यक्रम के बीच भी मेघा का डायलिसिस चल रहा है।
मेघा को जीवनसाथी बनाने का फैसला पहले ही कर लिया था। बीमारी ने परिस्थितियां जरूर बदलीं, लेकिन मेरा निर्णय नहीं। रिश्ता निभाने से चलता है और सच्चा प्यार वही है जो हर हाल में साथ दे। 13 फरवरी को हमारी शादी है।
आदित्य साहू, भिलाई, छत्तीसगढ़
आदित्य को मेरी दोनों किडनी फेल होने के बारे में पता चला तो उसने मुझे हिम्मत दी। मुझसे ज्यादा हिम्मत तो आदित्य ने दिखाई। आज मैं जो कुछ हूं, आदित्य के कारण ही हूं। हर लड़की को आदित्य जैसा ही जीवन साथी मिलना चाहिए।
मेघा पालीवाल, इंदौर, मप्र