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बिल्डर्स पर एक्शन :बिना RERA रजिस्ट्रेशन शहरों के बाहर कॉलोनियां बनाने वालों पर लगेगी पेनाल्टी

शहरी सीमा के प्लानिंग एरिया से बाहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी काटने वालों पर रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की पैनी नजर है। प्रदेश के 20 जिलों में में 50 से ज्यादा बिल्डरों पर कार्रवाई की गई है।
बिना RERA रजिस्ट्रेशन शहरों के बाहर कॉलोनियां बनाने वालों पर लगेगी पेनाल्टी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम, भोपाल। शहरी सीमा के प्लानिंग एरिया से बाहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी काटने पर कॉलोनाइजर को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। लेकिन, कॉलोनाइजर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसे में रेरा ने शहरों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी काटने वाले 50 से अधिक कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर करीब एक करोड़ की पेनाल्टी लगाई है। यह कार्यवाही 20 जिलों में की गई है।  

    पूरा रिकॉर्ड रेरा को शेयर करना होगा

    रेरा (RERA) ने अपने नियमों में शामिल किया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी काटने पर बिल्डरों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। उन्हें पूरा रिकॉर्ड रेरा को शेयर करने होगा। अभी बिल्डर लोगों को मकान बेचकर खुद को बाहर कर लेते हैं। ऐसे कई मामले रेरा पहुंचे हैं। इस पर रेरा ने टीएनसीपी, कलेक्टरों, जिला पंचायत के सीईओ, नगर निगम आयुक्तों और सीएमओ नगर पालिका को इस तरह की जानकारी देने को कहा है।

    ऐसे सामने आया मामला  

    रेरा में ऐसी शिकायतें आई हैं कि कॉलोनाइजरों ने मकान बुक कराने वाले कई लोगों से वादाखिलाफी की। पूरा पैसा लेने के बाद समय पर पजेशन नहीं दिया। इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी शिकायतें भी हैं। रेरा ने बिल्डरों को तलब किया तो उनका जवाब था कि प्लानिंग एरिया के बाहर कॉलोनी काटने पर रजिस्ट्रेशन की जानकारी उन्हें नहीं थी। हालांकि कई बिल्डरों ने गलती स्वीकार करते हुए रेरा द्वारा लगाई गई पेनाल्टी जमा भी कर दी है।

    लूपहोल का उठाते हैं फायदा

    रेरा अधिकारियों के अनुसार, कॉलोनाइजर TNCP से आउट प्लान की अनुमति लेते हैं। TNCP को अनुमति में यह लिखकर देना चाहिए कि रेरा में पंजीयन के बाद ही कॉलोनी का विकास किया जा सकेगा। रेरा के पास ऐसा स्टाफ नहीं है, जो जिलों में निगरानी कर सके तो जिला प्रशासन, निकाय अधिकारियों पर आश्रित रहना होता है।  

    समझें कॉलोनाइजर कैसे कर रहे गड़बड़ियां 

    • रायसेन के गैरतगंज तहसील में मधुवन हिल्स कॉलोनाइजर ने कॉलोनी तैयार की, लेकिन इसका रजिस्ट्रेशन रेरा में नहीं कराया। शिकायत मिलने पर रेरा ने तीन लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।  
    • खरगोन जिले की खरगोन तहसील में कृष्ण सुदामा एक्सटेंशन कॉलोनाइजर ने कॉलोनी बनाई। उसने कॉलोनी का रजिस्ट्रेशन रेरा में नहीं कराया। उस पर भी तीन लाख का जुर्माना लगाया गया है।
    • नरसिंहपुर जिले के करेली तहसील में मेकुलसुता धाम कॉलोनाइजर ने कॉलोनी बनाई, लेकिन रजिस्ट्रेशन रेरा में नहीं कराया। रेरा ने उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

    TNCP को सशर्त अनुमति देना चाहिए

    कॉलोनी काटने पर कॉलोनाइजर को रेरा में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। टीएनसीपी को कॉलोनाइजर के लेआउट प्लान को सशर्त अनुमति देना चाहिए कि रेरा में पंजीयन के बाद ही कॉलोनी बना सकेंगे। इससे बिल्डरों और मकान बुक करने वालों को सहूलियत होगी। 

    डीवी सिंह, सचिव, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी

    रेरा ने सही एक्शन लिया

    रेरा ने जो एक्शन लिया है वो बिल्कुल सही है। इससे लोगों को राहत मिलेगी और बिल्डर मनमाने तरीके से कॉलोनी नहीं बना सकेंगे। घर का डिजाइन, कीमत और डीलवरी डेट तय होंगी। 

    आशीष मिश्रा, मंडीदीप

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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