मुंबई। मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों कानूनी मुश्किलों से घिरे हैं, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से मिल रहा समर्थन उनकी कहानी का नया अध्याय बनता दिख रहा है। चेक बाउंस केस में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच उनके मैनेजर गोल्डी ने खुलासा किया है कि कई बड़े सितारे उनके साथ खड़े हैं। जहां एक ओर अदालत में सुनवाई की घड़ी नजदीक है, वहीं दूसरी ओर इंडस्ट्री से मिल रहा नैतिक और आर्थिक सहयोग राजपाल के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
गोल्डी ने साफ शब्दों में कहा, 'बहुत से लोग राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए हैं। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे एक्टर ने अपना सपोर्ट दिया है। मैं अभी डेविड धवन के साथ कॉल पर था-उन्होंने भी मदद की। रतन जैन, वरुण धवन... इस बार कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जिसकी राजपाल ने बहुत तारीफ की है।' यह समर्थन सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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रिहाई को लेकर गोल्डी ने उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा, 'सबने कमिटमेंट्स किए हैं, लेकिन ऐसे ट्रांजैक्शन रातों-रात नहीं होते। मेंटली, परिवार को मजबूत रहना होगा। राजपाल भाई खुद बहुत मजबूत हैं और यह मजबूती परिवार में है। घर पर भी कई सेलिब्रेशन्स हैं। हर कोई चाहता है कि राजपाल भाई तब तक बाहर आ जाएं। उम्मीद है, वह कल तक रिहा हो जाएंगे।'
सिंगर मीका सिंह ने कहा राजपाल यादव जी, मैं इस कठिन समय में आपके साथ पूरी तरह खड़ा हूं। समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में मैं 11 लाख रुपए का योगदान दे रहा हूं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-आपने लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है, और आज हमारी बारी है कि हम आपके साथ खड़े रहें। मैं फिल्म जगत के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे आगे आकर अपनी-अपनी क्षमतानुसार समर्थन करें।हम एक परिवार हैं, और हमें हमेशा अपने लिए एकजुट रहना चाहिए।
पूरा विवाद 2010 में शुरू हुआ था, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और कर्ज चुकाने में देरी हुई। अप्रैल 2018 में अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई। सात चेक बाउंस होने के कारण मामला और गंभीर हो गया।
जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा सस्पेंड करते हुए बकाया चुकाने के निर्देश दिए। ब्याज जुड़ने से रकम लगभग 9 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अक्टूबर 2025 तक 75 लाख रुपए जमा किए गए, लेकिन बड़ी राशि अब भी शेष रही। फरवरी 2025 में अदालत ने सरेंडर का आदेश दिया और अतिरिक्त मोहलत की अर्जी खारिज कर दी गई।