हरीश द्विवेदी को युवा डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की कमान, जानें किन नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियां

बीजेपी ने संगठन को और मजबूत करने के लिए नई टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने युवा, महिला, किसान, SC, OBC, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों के प्रभारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी जगह दी गई है। इसे आने वाले चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सात मोर्चों की जिम्मेदारी तय
बीजेपी ने अलग-अलग मोर्चों के लिए नेताओं की जिम्मेदारी घोषित की है। युवा मोर्चा हरीश द्विवेदी, महिला मोर्चा डी. पुरंदेश्वरी, SC मोर्चा संजय भाटिया और OBC मोर्चा वैजयंत पांडा संभालेंगे। वहीं किसान मोर्चे की जिम्मेदारी लाल सिंह आर्या, ST मोर्चे की कमान सतीश पूनिया और अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभार गजेंद्र पटेल को दिया गया है।
पहले ही तय हो चुके हैं मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्ष
पार्टी इससे पहले प्रमुख मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के नाम भी घोषित कर चुकी है। युवा मोर्चे की कमान गुजरात के लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी को मिली है। महिला मोर्चे की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ नेता रूप कुमारी चौधरी को दी गई है। किसान मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बंसीलाल गुर्जर बनाए गए हैं। इसके अलावा OBC मोर्चे की कमान अमरपाल मौर्य, SC मोर्चे की जिम्मेदारी शिवेश कुमार राम, ST मोर्चे की मन्नालाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान कुंवर बासित अली को दी गई है।
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स्मृति ईरानी समेत इन नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। विनोद तावड़े राष्ट्रीय महासचिव के साथ उत्तर प्रदेश के प्रभारी होंगे। वहीं सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी में बरकरार रखा गया है। बी.एल. संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन के पद पर बने रहेंगे। तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। वहीं संदीप पाठक राष्ट्रीय सचिव और संबित पात्रा को नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनावी तैयारियों पर खास फोकस
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में तैयार की गई नई टीम में संगठन को चुनावी मोड में लाने पर जोर दिखाई दे रहा है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और चुनावी मैनेजमेंट को भी अहम जिम्मेदारी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों पर पार्टी का खास फोकस है।




















