भोपाल। बुधवार को मध्य प्रदेश का साल 2026-27 का वित्तीय बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने करीब 3 लाख 38 करोड़ का बजट पेश किया। उनकी स्पीच करीब 1 घंटे से ज्यादा चली। भाषण का मुख्य फोकस महिलाओं, किसानों के साथ-साथ वन पर्यापरण और पर्यटन क्षेत्र पर भी रहा। जिसमें बड़ी रकम प्रस्तावित की गई है। हालांकि वित्त मंत्री के भाषण के बीच कांग्रेस विधायकों ने बार-बार उनका मन भटकाने की पूरी कोशिश की।
बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने अपनी कुछ मांगो को लेकर नाराज दिखे। पार्टी विधायकों का कहना है कि बजट में MLA के लिए विधायक नीति में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। विधायकों को इसकी काफी उम्मीदें थी। कांग्रेस ने वित्त मंत्री के बजट भाषण पर सवाल भी उठाए। दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत रहने के लिए कई बार टोका, उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए भी कहा गया।
वित्तीय बजट प्रस्तुति से पहले कांग्रेस विधायकों ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिया आर्थिक कर्ज के बोझ पर भी गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना है कि सरकार ने वित्त वर्ष में जरूरत से कहीं ज्यादा कर्जा राज्य की भेंट चढ़ा दिया है। कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध करने के लिए खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर पहुंचे।
खाली तिजोरी भारी कर्ज, कहां है आर्थिक सुधार का फर्ज...ये वहीं नारे है जो कांग्रेस विधायकों ने अपने पोस्टर में लिखे हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज बजट से भी अधिक हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है, जिससे प्रदेश के हर वर्ग पर भारी बोझ पड़ गया है। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की जनता की पीठ पर 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लाद दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कोई गुल्लक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तिजोरी है, जिसे सरकार और उसके मंत्री खाली कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना इस बात का संकेत है कि प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के टैक्स के पैसों से कर्ज लेकर “घी पी रही है” और विकास के नाम पर केवल भ्रम फैलाया जा रहा है।