लखनऊ। यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ यूपी पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है। कुरैशी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामपुर जिले के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में बीजेपी कार्यकर्ता आकाश सक्सेना की शिकायत पर अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
राक्षस से की योगी सरकार की तुलना
भाजपा कार्यकर्ता आकाश सक्सेना का आरोप है कि पूर्व राज्यपाल कुरैशी सपा नेता आजम खान के घर गए थे। यही उन्होंने आजम की पत्नी तजीन फातमा से मुलाकात के बाद अपमानजनक बयान दिया। उन्होंने योगी सरकार की तुलना “राक्षस, शैतान और खून पीने वाले दरिन्दे” से की। उन्होंने शिकायत में कहा कि कुरैशी ने अपने बयान में आजम के खिलाफ कार्रवाई को इंसान और दानव के बीच की लड़ाई करार दिया। यह बयान दो समुदायों के बीच तनाव और समाज में अशांति पैदा कर सकता है।
भाभी आप हिम्मत रखिए
मुलाकात पर अजीज कुरैशी ने कहा था कि अपनी भाभी के पास आया हूं। वह डेढ़ साल से कोरोना की वजह से घर से बाहर नहीं आए। उन्होंने कहा कि आजम खान के साथ प्रदेश सरकार ने जो ज़ुल्म ज़्यादती की है उसके लिए कुछ कहने की जरूरत नही है। मैं भाभी से कहने आया कि आप हिम्मत रखिए लोग साथ मे हैं। जीत आपकी ही होगी। सरकार को ये सब करने के लिए शायद शर्म आ जाए।
अजीज कुरैशी ने दी प्रतिक्रिया
पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने राजद्रोह का केस दर्ज किये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि, मेरे बयान को गलत तरीके से लिया गया है। मुझे राजनीतिक तौर पर नुकसान पहुंचाने और जनता के बीच गलत छवि पेश करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि, मैंने कहा था कि जिस तरह मौजूदा दौर में अत्याचार बढ़ा है, पहले ऐसा नहीं था। कुरैशी ने कहा कि, मैंने किसी पर भी निजी बयान नहीं दिया।
इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व राज्यपाल कुरैशी पर भारतीय दंड विधान की धारा 153 ए (धर्म, जाति, आदि के आधार पर दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाला भाषण देना), 124ए (राजद्रोह), और 505 1 बी- (सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध करने के आशय से असत्य कथन) के तहत मामला दर्ज किया गया है।