तेहरान। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि वे अमेरिका का संदेश ईरान तक पहुंचाने के साथ-साथ वार्ता को दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान का यह दौरा दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत की जमीन तैयार कर सकता है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने संकेत दिए थे कि तेहरान जल्द ही पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेगा।
यह घटना उस समय सामने आया है, जब 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हाई लेवल वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।
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ईरान ने साफ किया है कि इस्लामाबाद वार्ता के बाद भी पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है। इस्माइल बकाई के मुताबिक, 12 अप्रैल को ईरानी प्रतिनिधिमंडल के तेहरान लौटने के बाद दोनों देशों के बीच कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ शांति वार्ता का दूसरा दौर जल्द शुरू हो सकता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि आने वाले दिनों में हालात तेजी से बदल सकते हैं और समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू कर दी है, जिसका उद्देश्य उसके समुद्री व्यापार को प्रभावित करना बताया जा रहा है।
मौजूदा हालात में पाकिस्तान की यह मध्यस्थता अहम मानी जा रही है। अगर तेहरान में प्रस्तावित बातचीत सफल होती है, तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है।