वाशिंगटन। अमेरिकी अरबपति और टेस्ला तथा स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने घोषणा की है कि उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एक्सएआई, एप्पल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। एलन मस्क का आरोप है कि एप्पल अपने ऐप स्टोर की रैंकिंग को इस तरह मैनेज कर रहा है जिससे ओपनएआई के अलावा किसी भी अन्य एआई कंपनी के लिए नंबर-1 स्थान पर पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। मस्क ने इसे स्पष्ट रूप से एंटीट्रस्ट कानून का उल्लंघन करार दिया है और कहा है कि एक्सएआई इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह आरोप लगाया, लेकिन उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया। इस मामले में एप्पल, ओपनएआई और एक्सएआई तीनों ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं की है। वर्तमान में ओपनएआई का चैटजीपीटी, अमेरिका में आईफोन के लिए ऐप स्टोर के टॉप फ्री ऐप्स सेक्शन में पहले स्थान पर है, जबकि एएक्सआई का ग्रॉक 5वें स्थान पर और गूगल का जेमिनी चैटबॉट 57वें स्थान पर है। यही नहीं, चैटजीपीटी गूगल प्ले स्टोर पर भी शीर्ष स्थान बनाए हुए है, जो इसके व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है।
एप्पल और ओपनएआई के बीच एक साझेदारी है, जिसके तहत चैटजीपीटी को आईफोन, आईपैड और मैक जैसे डिवाइसों में इंटीग्रेट किया गया है। एलन मस्क का आरोप है कि एप्पल जानबूझकर उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और ग्रॉक ऐप को मस्ट हैव सेक्शन में जगह नहीं दे रहा है, जबकि एक्स को वह दुनिया का नंबर-1 न्यूज ऐप और ग्रॉक को सभी ऐप्स में 5वें स्थान पर मानते हैं। एलन मस्क ने सवाल किया कि क्या एप्पल राजनीति कर रहा है।
बता दें यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब नियामक एजेंसियां और टेक्नोलॉजी जगत के प्रतिद्वंद्वी, एप्पल के ऐप स्टोर पर उसके नियंत्रण की आलोचना कर रहे हैं। अप्रैल 2025 में एक अमेरिकी जज ने पाया था कि एप्पल ने एक कोर्ट ऑर्डर का उल्लंघन किया है, जिसमें उसे ऐप स्टोर में प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक खुलापन देने का निर्देश दिया गया था। इस उल्लंघन के चलते, कंपनी को संघीय अभियोजकों के पास आपराधिक अवमानना (क्रिमिनल कॉन्टेम्प्ट) की जांच के लिए भेजा गया था।
यह मामला फोर्टनाइट गेम के निर्माता एपिक गेम्स लाए थे, जिन्होंने पहले भी एप्पल के बिजनेस मॉडल को चुनौती दी है। इसके अलावा, यूरोपीय संघ के एंटीट्रस्ट प्राधिकरण ने अप्रैल में एप्पल पर 500 मिलियन यूरो (लगभग 587 मिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया था। ईयू ने पाया कि एप्पल की तकनीकी और व्यावसायिक सीमाएं ऐप डेवलपर्स को ऐप स्टोर के बाहर सस्ते सौदों की ओर उपयोगकर्ताओं को ले जाने से रोकती हैं, जो डिजिटल मार्केट्स एक्ट का उल्लंघन है। कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल मस्क और एप्पल के बीच का व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है। यह टेक इंडस्ट्री में उस बड़े मुद्दे का हिस्सा बन गया है, जिसमें दिग्गज कंपनियों के मार्केट डॉमिनेंस और प्रतिस्पर्धा पर उनके प्रभाव पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मस्क का आरोप इस बहस को और तेज कर सकता है और यदि कानूनी कार्रवाई होती है, तो यह एप्पल के ऐप स्टोर नीतियों पर और गहन जांच का रास्ता खोल सकता है। इससे एआई ऐप डेवलपर्स के लिए अवसर और चुनौतियां दोनों पैदा होंगे। जबकि उपभोक्ताओं के लिए यह विवाद ऐप्स की उपलब्धता और विविधता को प्रभावित कर सकता है।