मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। शनिवार 7 मार्च 2026 से शहर में किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, पुतला दहन या घेराव जैसे कार्यक्रम बिना अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब किसी भी संगठन, राजनीतिक दल या समूह को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने यह प्रतिबंधात्मक आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1) के तहत जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीने तक भोपाल की नगरीय सीमा क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हाल के समय में बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
नए आदेश के अनुसार अब किसी भी संगठन, राजनीतिक दल, सामाजिक संस्था या समुदाय को धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, पुतला दहन या घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) से लिखित अनुमति लेनी होगी। यदि कोई समूह बिना अनुमति के प्रदर्शन करता है या निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करता है, तो आयोजकों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस कमिश्नर ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है या तोड़फोड़ की जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे आयोजकों की मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में नुकसान की भरपाई आयोजकों से वसूली जाएगी और उनके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लिया गया है। आदेश के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से और प्रशासन की अनुमति के साथ ही आयोजित हों, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।