10वीं में ही ठाना UPSC देना है
अक्षत ने पीपुल्स अपडेट से बातचीत में बताया कि उन्होंने कक्षा 11वीं में आर्ट्स विषय लिया था, वहीं उन्होंने 10वीं-12वीं कक्षा के दौरान ही तय कर लिया था कि उन्हें आगे चलकर UPSC की तैयारी करनी है और देश की सेवा करनी है। उसी समय से उन्होंने अपनी पढ़ाई को उसी दिशा में आगे बढ़ाया और एक क्लियर टारगेट के साथ तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने अपनी स्टडी स्ट्रेटेजी के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने ज्यादा कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय ऑनलाइन ट्यूटोरियल, लेक्चर और सेल्फ स्टडी पर ज्यादा ध्यान दिया। नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और निरंतर अभ्यास की बदौलत उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की
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बेंगलुरु से लॉ में पूरा किया ग्रेजुएशन
वहीं 12वीं के बाद बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल से BA LLB (ऑनर्स) की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और आखिरकार कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। अक्षत की इस सफलता से इंदौर और मध्य प्रदेश के युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
मां इंश्योरेंस तो पिता कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में कार्यरत
अक्षत ने बताया कि उनके दोस्तों के ग्रुप में भी कई ने UPSC की परीक्षा दी थी। कुछ दोस्त इंटरव्यू तक भी पहुंचे थे, लेकिन उनका चयन नहीं हो पाया। इन अनुभवों से उन्हें परीक्षा की गंभीरता और तैयारी की दिशा समझने में मदद मिली। परिवार की बात करें तो अक्षत की मां का नाम मीना बलदवा और पिता का नाम संजय बलदवा है। मीना मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और इंश्योरेंस का काम करती हैं, जबकि उनके पिता कंस्ट्रक्शन लाइन में सुपरवाइजर हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर अक्षत ने यह बड़ी सफलता हासिल की है।











