2 करोड़ की वसूली!भोपाल में IAS कोचिंग डायरेक्टर को बनाया बंधक, फ्रेंचाइजी मालिक निकला किडनैपर

भोपाल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नामी IAS कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया गया। आरोप है कि उन्हें दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और डराकर-धमकाकर उनके खाते से करीब 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। इस पूरी वारदात का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसी संस्थान से जुड़ा एक फ्रेंचाइजी संचालक है।
पुरानी जान-पहचान बना खतरा
पुलिस के अनुसार, पीड़िता शुभ्रा रंजन और आरोपी प्रियंक शर्मा के बीच पहले से जान-पहचान थी। दोनों के बीच कोचिंग से जुड़े लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने एक खतरनाक साजिश रच डाली।
प्रियंक शर्मा, जो भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है, पहले दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर चुका है। बाद में उसने इसी कोचिंग से जुड़कर भोपाल में फ्रेंचाइजी भी शुरू की थी।
नई ब्रांच के बहाने बुलाया भोपाल
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने शुभ्रा रंजन को भोपाल आने के लिए कहा। उसने नई कोचिंग ब्रांच खोलने और जगह दिखाने का बहाना बनाया। भरोसा करते हुए शुभ्रा दिल्ली से भोपाल पहुंचीं और शहर के एक बड़े होटल में ठहरीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह मुलाकात एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
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होटल के बाहर से किडनैपिंग
दो दिन पहले, आरोपी प्रियंक शर्मा होटल के बाहर मिला और बातचीत के बहाने शुभ्रा को अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उन्हें सीधे बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले गया। वहीं पर उन्हें जबरन बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि शुभ्रा को करीब दो दिनों तक उसी फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया।
डर, धमकी और करोड़ो की वसूली
बंधक बनाकर आरोपी ने पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया। उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया और मजबूर किया गया कि वे अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करें। डर के माहौल में शुभ्रा रंजन को करीब 2 करोड़ रुपए अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर करने पड़े। आरोपी ने साफ तौर पर धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की, तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
रकम मिलने के बाद आरोपी फरार
जब आरोपी को पैसा मिल गया, तो उसने पीड़िता को छोड़ दिया और खुद फरार हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शुभ्रा काफी डरी हुई थीं, लेकिन हिम्मत जुटाकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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क्राइम ब्रांच एक्टिव, आरोपी की तलाश तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल DSP शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और पुराने लेन-देन से जुड़े सबूत खंगाले जा रहे हैं। आरोपी की तलाश के लिए टीमों को अलग-अलग जगहों पर भेजा गया है।











