बेटे- बहू ने पैसों के लिए माता-पिता की हत्या कर शव जलाए,12 दिन बाद खुला राज

गुजरात के भावनगर से एक दलि दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी है। इतना ही नहीं इस वारदात को छिपाने के लिए दोनों के शवों को आग के हवाले कर दिया, ताकि यह हादसा लगे। शुरुआत में मामला आग लगने से मौत का माना गया लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी। 12 दिन की पड़ताल के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
आग में जली लाशें
यह घटना भावनगर जिले के तलाजा इलाके की है। 19 अप्रैल को किशोरभाई वैठा और उनकी पत्नी रेखाबेन के शव उनके घर के बेडरूम में जली हुई हालत में मिले थे। पहली नजर में मामला घर में आग लगने से मौत का लग रहा था। परिजनों और आसपास के लोगों को भी यही बताया गया कि दोनों की मौत आग की वजह से हुई है। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस को शुरुआत से ही इस घटना पर शक था। हालात कुछ ऐसे थे जो सामान्य हादसे की ओर इशारा नहीं कर रहे थे। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
जब दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, तो जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि किशोरभाई की मौत आग से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। वहीं रेखाबेन की भी हत्या किसी और तरीके से की गई थी, जिसके बाद दोनों के शवों को जलाया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामला पूरी तरह से हत्या का मानते हुए जांच की दिशा बदल दी। पुलिस ने मृतक किशोरभाई के बहनोई और रेखाबेन के भाई राजेशभाई को बुलाया और उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी। इस घटना की जानकारी देते हुए राजेशभाई ने अपने भतीजे विमल और उनकी पत्नी हेतल के खिलाफ अपनी बहन और जीजा की हत्या के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी।
सामने आई पूरी साजिश
जांच के दौरान शक की सुई सीधे मृतक दंपति के बेटे विमल और उसकी पत्नी हेतल पर गई। परिजनों ने भी पुलिस को बताया कि विमल का अपने पिता किशोरभाई से पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, विमल लगातार अपने पिता से पैसे मांगता था। उसका कर्ज बढ़ता जा रहा था और वह घर, दुकान और मां के गहने बेचने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर घर में रोज झगड़े होते थे।
हत्या के बाद रची गई पूरी कहानी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाली रात विमल और उसकी पत्नी योजनाबद्ध तरीके से घर पहुंचे थे। रात करीब 10 बजे वे सालंगपुर से लौटे और पहले से ही अपनी प्लानिंग कर चुके थे। माता-पिता की हत्या करने के बाद विमल ने खुद को बचाने के लिए एक कहानी बनाई। वह रात करीब 11:30 बजे अपने दोस्तों के साथ बाहर टहलने चला गया, ताकि उस पर शक न हो। इसके बाद रात करीब 1:30 बजे उसे फोन आने का नाटक किया गया कि घर में आग लग गई है। कुछ देर बाद वह अपने दोस्तों के साथ घर पहुंचा, जहां पहले से ही आग में जले हुए माता-पिता के शव पड़े थे। इस तरह उसने इसे हादसा दिखाने की कोशिश की।
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कई धाराओं में मामला दर्ज
जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां पर पहुंची तो उसने घर में जाने से मना कर दिया। अब 12 दिन बाद पुलिस ने विमल, उसकी पत्नी और हत्या में मदद करने वाले 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को हत्या करके संपत्ति हड़पने और बाद में शव जलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। उनपर बीएनएस की धारा 103(1), 238(सी) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।












