उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में चल रहे मजदूरों के आंदोलन को लेकर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है और उनसे इस्तीफा देने की मांग की है।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि नोएडा में जो हालात बने हैं, उसके पीछे किसी साजिश की संभावना हो सकती है। उन्होंने लोगों को औद्योगिक अशांति फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील भी की थी।
सीएम के इस बयान पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जवाब देते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर यह सब साजिश है, तो खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं। अखिलेश ने तंज कसते हुए लिखा कि क्या खुफिया पुलिस चुनाव प्रचार में व्यस्त थी या फिर किसी और काम में लगी हुई थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि मजदूरों के आंदोलन को नक्सलवाद से जोड़कर बदनाम करना गलत है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर पिछले 10 सालों में ऐसे हालात क्यों बने कि मजदूरों को आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार मजदूरों के जख्मों पर मरहम नहीं लगा सकती, तो कम से कम उन पर नमक न छिड़के।
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई से आम लोग पहले ही परेशान हैं और ऐसे में सरकार द्वारा बेवजह आरोप लगाना हालात को और खराब कर सकता है।
[breaking type="Breaking"]
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के ‘डबल इंजन’ वाले नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह अब जनता के लिए ‘ट्रबल इंजन’ बन गया है और जनता इसका जवाब जरूर देगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार से प्रदेश नहीं संभल रहा है, तो मुख्यमंत्री को सम्मानपूर्वक पद छोड़ देना चाहिए, नहीं तो जनता उन्हें हटा देगी।
वहीं, मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग औद्योगिक शांति और विकास को रोकने के लिए साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों और उद्योगों दोनों के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड काल में सरकार ने हर वर्ग की मदद की और आगे भी श्रमिकों को सुरक्षा और संरक्षण दिया जाएगा।