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यूपी में सियासी सरगर्मी : 'सपा के 25-26 सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार', डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी किया बड़ा दावा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना में सांसदों की टूट के बाद समाजवादी  पार्टी (सपा) के सांसदों के अलग होने की भी अटकलें है। उप्र के मंत्री ओपी राजभर के बाद अब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यह दावा किया है कि सपा के 25-26 सांसद पाला बदलने को तैयार हैं।
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'सपा के 25-26 सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार', डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी किया बड़ा दावा

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के 25 से 26 सांसद पार्टी छोड़ने की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल भाजपा किसी तरह की तोड़फोड़ की राजनीति नहीं कर रही है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों तक सपा के भीतर असंतोष इतना बढ़ सकता है कि कई नेता स्वयं ही अलग राह चुन लें।

2027 चुनाव से पहले बढ़ेगा राजनीतिक दबाव 

केशव मौर्य ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलेंगे। उनके अनुसार सपा के कई सांसद और नेता पार्टी के भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जिस तरह अन्य दलों में बड़े स्तर पर टूट देखने को मिली, उसी प्रकार समाजवादी पार्टी में भी अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ सकते हैं।

राजभर के पोस्ट ने बढ़ाई हलचल 

इस राजनीतिक बहस को और हवा तब मिली जब प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट हो सकती है। राजभर ने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। हालांकि इस दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई, लेकिन उनके बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी।

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घोटालों का जिक्र कर साधा निशाना 

राजभर ने अपने बयान में खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों के पीछे कौन लोग जिम्मेदार रहे हैं, यह प्रदेश की जनता जानती है। उनके अनुसार जांच एजेंसियों की सक्रियता और संभावित कार्रवाई से समाजवादी पार्टी के कई नेता दबाव में हैं। इसी वजह से पार्टी के भीतर बेचैनी बढ़ रही है और कई नेता नए राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने भी दोहराया दावा 

राज्य सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने भी सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जब पार्टी सत्ता में थी तब उसने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया। अब हालात ऐसे हैं कि लोग खुद सपा से दूरी बनाना चाहते हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर आने वाले समय में दिखाई देगा।

सपा ने किया पलटवार 

भाजपा और सहयोगी दलों के दावों पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर के बयान गंभीरता से लेने योग्य नहीं हैं। उन्होंने राजभर को ही राजनीतिक “स्कैम” बताते हुए प्रदेश सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वहीं सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि पार्टी का कोई भी नेता भाजपा में शामिल नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा मजबूत प्रदर्शन करेगी।

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राम मंदिर दानपात्र चोरी पर भी बोले डिप्टी सीएम 

कानपुर दौरे के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर के दानपात्र से धन चोरी होने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मौर्य ने कहा कि जिसने भी श्रद्धालुओं के दान की राशि का दुरुपयोग किया है, उसे कानूनी सजा तो मिलेगी ही, साथ ही वह कभी सुखी जीवन नहीं जी पाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम बरामद कर ली जाएगी।

 

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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