
भोपाल। विदिशा संसदीय क्षेत्र में रबी सीजन के दौरान गेहूं खरीदी की जमीनी हकीकत जानने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा सीटों के विधायक, जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। चर्चा के दौरान किसानों को आ रही दिक्कतों, स्लॉट बुकिंग, बारदाने की उपलब्धता और तौल व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गेहूं खरीदी में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनावश्यक परेशानी किसानों को नहीं उठानी पड़े।
बैठक में विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों, विदिशा, सांची, गंजबासौदा, बुधनी, भोजपुर, खातेगांव और इछावर की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टरों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि विधायकों ने जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को सीधे मंत्री के सामने रखा। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि कागजों में नहीं, जमीन पर व्यवस्था बेहतर दिखनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि वास्तविक हालात से व्यवस्था का मूल्यांकन होगा।
ये भी पढ़ें: 27 अप्रैल को महिलाओं के मुद्दों पर मंथन : एमपी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया, अधिसूचना जारी
समीक्षा के दौरान मंत्री ने खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी सिर्फ प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों से सीधे जुड़ा संवेदनशील काम है। इसके तहत हर केंद्र पर छांव, पेयजल, तौल कांटे और समयबद्ध खरीदी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि किसानों को लाइन में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री चौहान ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बारदाने की कमी या देरी जैसे कारणों से खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस सख्ती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर और बिना परेशानी के उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
ये भी पढ़ें: महिला आरक्षण बिल पर सियासत: भूपेश बघेल ने भाजपा-RSS पर लगाए ये बड़े आरोप, एक दिन का विशेष सत्र बुलाएगी बीजेपी