Karnataka Politics :सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की खींचतान पर बोले सिंधिया 'कुछ छात्र सुधरना नहीं चाहते'

इंदौर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने कर्नाटक की राजनीति में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर जारी कथित खींचतान पर कांग्रेस को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार जनता के संदेश को नजरअंदाज करती है, जबकि जनता हर चुनाव में उन्हें सबक सिखाने का काम करती है, पर कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो सबक सीखने को तैयार ही नहीं होते।
कांग्रेस कुर्सी की लड़ाई में उलझी
सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में देश ने बहुआयामी प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आर्थिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया है। उनके अनुसार भाजपा का जनाधार पूरे देश में लगातार बढ़ा है क्योंकि जनता विकास और स्थिर नेतृत्व को महत्व देती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूसरी तरफ ऐसा दल है (कांग्रेस) जो अपने ही सत्ता वाले राज्य में कुर्सी की लड़ाई में उलझ गया है।
जनता सब कुछ देख रही है
कर्नाटक के संदर्भ में सिंधिया (jyotiraditya scindia) का इशारा उन चर्चाओं की ओर था, जिनमें दावा किया जा रहा है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर लगातार मतभेद बने हुए हैं। हालांकि सिंधिया ने यह भी कहा कि वे कांग्रेस के अंदरूनी मामलों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन जनता सब कुछ देख और समझ रही है।
ओछी राजनीति से बचना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट को लेकर जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंधिया ने कहा कि उन्हें इस बयान की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन प्रजातंत्र के किसी भी स्तंभ, खासकर न्यायपालिका पर किसी भी व्यक्ति को ओछी टिप्पणी कभी नहीं करनी चाहिए। सिंधिया ने दोहराया कि देश की जनता विकास, स्थिरता और सुशासन चाहती है और भाजपा इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ रही है, जबकि कांग्रेस आंतरिक संघर्षों में उलझकर अपनी राह खोती जा रही है।












