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पीथमपुर में यूका के जहरीले कचरे के निपटान की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार, आज होगा पहला ट्रायल, फैक्ट्री के पास 24 थानों का फोर्स तैनात

पीथमपुर में यूका के जहरीले कचरे के निपटान की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार, आज होगा पहला ट्रायल, फैक्ट्री के पास 24 थानों का फोर्स तैनात
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में भोपाल के यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 337 टन रासायनिक कचरे में से 10 टन कचरे को परीक्षण के तौर पर जलाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करने के बाद उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा की याचिकाकर्ताओं के सभी पक्षों को हाईकोर्ट ने सुन लिया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई सुनवाई नहीं करेगा।

पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा

कोर्ट के इस रुख के बाद पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्पादन का ट्रायल आज से शुरू होगा। रामकी एनवायरो फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा। इधर, कचरा जलाने के ट्रायल को लेकर प्रशासन सतर्क है। इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों से 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी पीथमपुर में फैक्ट्री के पास तैनात किए गए हैं। इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद परीक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार, पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। बेंच ने अपशिष्ट के निपटान के होने वाले परीक्षण पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई कर रहे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पास जाने का सुझाव दिया। नागरिक संगठनों और पीड़ित पक्षों की अपील को ठुकरा दिया।

भोपाल गैस त्रासदी: एक भयावह इतिहास

1984 की भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक थी। दो और तीन दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस का रिसाव हुआ था, जिससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए और हजारों लोग अपंग हो गए थे।

कचरे का पीथमपुर स्थानांतरण और विरोध प्रदर्शन

भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने के 337 टन कचरे को 2 जनवरी 2025 को पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में लाया गया था। इसके बाद, स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने इसके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह कचरा इंसानों और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया है और कहा है कि कचरे के सुरक्षित निपटान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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