अशोक गौतम, भोपाल। शहर सुधार न्यास से मिले भूखंडों को खरीदने और बेचने बड़ी संख्या में रहवासी लीज के फेर में फंस गए हैं। टीएनसीपी और नगरीय निकाय इनकी लीज नवीनीकरण नहीं कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह है कि नियमों में टीएनसीपी को व्यावसायिक, आवासीय और मिश्रित भूखंडों के विभाजन की अनुमति देने का प्रावधान नहीं है।
बिना अनुमति के भूमि स्वामियों ने भूखंड के टुकड़े-टुकड़े करके बेच दिए हैं। ये समस्या भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में है। बड़े प्लाटों का लंबे समय से लीज नवीनीकरण रुका हुआ है। इसके चलते जहां नगरीय निकायों को राजस्व बढ़ाने में समस्या हो रही है, वहीं रहवासियों को उनके भूमि की लीज का काम रुका हुआ है, जमीन उनके परिवारों को ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। अभी नियम हैं कि लीज नवीनीकरण उसी भूमि स्वामी के नाम पर की जा सकती है, जिसे न्यास ने भूखंड दिए थे।
निकायों के गठन से पहले भूमि सुधार न्यास के माध्यम से लोगों को दस से बीस हजार वर्ग फीट के प्लॉट दिए गए थे। इसके बाद लोगों ने जरूरतों के अनुसार उस जमीन को एक हजार, 15 सौ और इससे छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेच दिए।
यह है नियम: जमीन का नवीनीकरण का प्रावधान उसी को है, जिसके नाम से जमीन आवंटित की गई थी। जिन लोगों ने जमीन खरीदी उनके नाम से लीज नवीनीकरण का प्रावधान नहीं है।
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ल्ल शहरी योजना और विकास- शहर के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाना और उसे लागू करना।
ल्ल आवास और बुनियादी ढांचा- आवासीय कॉलोनियां विकसित करना, सड़कें, नालियां, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना।
ल्ल भूमि अर्जन और विकास- विकास परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण करना और उसे विकसित कर भूखंड आवंटित करना।
ल्ल वैधानिक निकाय- शहरी सुधार न्यास स्वायत्त निकाय हैं, जो शहरी विकास के लिए नीतियां बनाते हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग भूमि विकास नियमों में संशोधन करने की तैयारी में है। इसके चलते बड़े भूखंडों और वर्ष 1994 अथवा इससे पहले आवंटित की गई व्यावसायिक, आवासीय और मिश्रित भूखंडों का विभाजन किया जा सके। इसका अधिकार डायरेक्टर टीएनसीपी को दिया जाएगा।
शहर सुधार आयोग ने मेरे दादाजी के नाम पर दस हजार वर्ग फिट जमीन 70 साल पहले दी थी। अब उसके कई टुकड़े कर दिए गए। कुछ भूखंड हम लोगों के पास है, कुछ दूसरे लोगों को बेच दिए हैं। इसकी लीज दस वर्ष पहले नवीनीकरण होना था, लेकिन नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।
संदीप समाधिया, अशोका गार्डन भोपाल
भूखंड मालिक जमीन के टुकड़े करके नहीं बेच सकता है। खरीदने वालों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए कि अवैध प्लाटिंग और बिना टीएनसीपी के प्लाटिंग के भूखंड नहीं लेना चाहिए। इसके बाद भी इनकी लीज नवीनीकरण पर विचार किया जा रहा है, लेकिन दोनों को इसकी पेनॉल्टी लगाई जा सकती है।
संजय दुबे, एसीएस, नगरीय प्रशासन