उमरिया:बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा में बड़ी चूक, बिना अनुमति पर्यटक पहुंचे कोर जोन; वनरक्षक की लापरवाही आई सामने

उमरिया। भोपाल पासिंग इनोवा कार से पर्यटक किले का रास्ता खोजते हुए पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक ने बिना अनुमति एंट्री दे दी। जांच में लापरवाही सामने आने पर वन विभाग की टीम कार्रवाई में जुटी है। इसी के साथ पर्यटकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
जीपीएस के सहारे पहुंचे कोर जोन तक
पर्यटक जीपीएस की मदद से किले का रास्ता खोजते हुए ताला गेट तक पहुंचे। इन पर्यटकों की गाड़ी भोपाल पासिंग इनोवा थी, जिसमें सागर से आए लोग सवार थे। रास्ता पूछने के दौरान उन्होंने गेट पर मौजूद वनरक्षक से एंट्री की परमिशन मांगी। बता दें कि सामान्य प्रक्रिया के अनुसार कोर जोन में एंट्री सख्त नियमों के तहत होती है। लेकिन यहां नियमों की अनदेखी कर दी गई। पर्यटक बिना किसी वैध परमिशन के अंदर चले गए। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मानी जा रही है। इससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।
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वनरक्षक की लापरवाही आई सामने
जांच में पाया गया कि ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक ने बिना उचित अनुमति पर्यटकों को प्रवेश दे दिया। परमिशन देना पूरी तरह नियमों के खिलाफ था। कोर जोन में प्रवेश केवल निर्धारित प्रक्रिया और परमिट के आधार पर ही दिया जाता है। लेकिन यहां नियमों की अनदेखी की गई। इस लापरवाही को विभाग ने गंभीरता से लिया है। प्राथमिक जांच में वनरक्षक की गलती स्पष्ट पाई गई। इसके बाद उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग इस मामले में आगे भी जांच कर रहा है।
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पर्यटकों को चेतावनी देकर छोड़ा
इस मामले में पर्यटकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। बिना अनुमति कोर जोन में प्रवेश करना नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, उन्हें सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। अधिकारियों ने साफ किया कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों को यह भी समझाया गया कि यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। यहां वन्यजीवों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे को जन्म दे सकती है। इसलिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोर जोन में बिना अनुमति प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी गेटों पर तैनात स्टाफ को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। इस घटना ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा दांव पर लग सकती थी। ऐसे में विभाग इस चूक को बेहद गंभीर मान रहा है। आगे सख्ती और सतर्कता बढ़ाने की बात कही गई है।




















