Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
तिरुवनंतपुरम (केरल)। ब्रिटेन का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F-35B, जो पिछले पांच हफ्तों से तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर खड़ा था, अब मंगलवार को उड़ान भरने के लिए तैयार है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि विमान को सोमवार को हैंगर से निकाला गया और मंगलवार को इसकी उड़ान निर्धारित है।
यह हाईटेक फाइटर जेट 14 जून को हिंद महासागर में एक मिशन के दौरान खराब मौसम के कारण केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आपात रूप से उतारा गया था। इसके बाद इसमें तकनीकी खराबी आ गई, जिस कारण यह अब तक वहीं खड़ा था।
F-35B ब्रिटेन के युद्धपोत HMS Prince of Wales के बेड़े का हिस्सा है। जब विमान उड़ान नहीं भर सका, तो ब्रिटिश नौसेना के इंजीनियर इसे ठीक करने भारत आए। हालांकि उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। इसके बाद करीब दो हफ्ते पहले ब्रिटेन की रक्षा मंत्रालय ने 14 विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम को भारत भेजा, जो अपने साथ खास उपकरण भी लाए थे।
इस $110 मिलियन (करीब ₹920 करोड़) की कीमत वाले स्टील्थ फाइटर जेट की तस्वीरें केरल की बारिश में भीगते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। लोग इस पर मीम और चुटकुले बना रहे थे, और कई ने मजाक में लिखा कि जेट “भगवान के अपने देश” (केरल का टूरिज़्म स्लोगन) को छोड़ना ही नहीं चाहता।
सोमवार को एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने BBC से बातचीत में बताया कि विमान अब पूरी तरह उड़ान के लायक (airworthy) है। उन्होंने कहा कि विमान को सोमवार सुबह हैंगर से बाहर लाया जाएगा, लेकिन सटीक उड़ान समय, कहां रिफ्यूलिंग होगी, या तकनीशियनों और उपकरणों को वापस कैसे ले जाया जाएगा, इसकी जानकारी अभी साझा नहीं की गई है।
विमान को ले जाना पड़ा था हैंगर
जब तकनीकी टीम आई थी, तब विमान को हैंगर में ले जाकर मरम्मत की गई थी। कुछ समय पहले ऐसी भी अटकलें थीं कि अगर विमान ठीक नहीं हुआ तो उसे खोलकर बड़े कार्गो विमान जैसे C-17 ग्लोबमास्टर से वापस भेजा जाएगा। हालांकि अब इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
इस मामले की गूंज ब्रिटेन की संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) तक पहुंची, जहां सांसदों ने यह सवाल उठाया कि एक इतना आधुनिक और महंगा लड़ाकू विमान विदेश में इतने लंबे समय तक कैसे फंसा रह सकता है।
F-35B अमेरिका की कंपनी Lockheed Martin द्वारा बनाया गया स्टील्थ फाइटर जेट है। यह खासतौर पर अपनी कम जगह में उड़ान भरने और सीधे जमीन पर उतरने (Vertical Landing) की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह विमान हाई-टेक युद्ध तकनीक, नवीनतम रडार सिस्टम, और बेहतर निगरानी क्षमताओं से लैस होता है।