उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा:भोपाल में सदानीरा समागम; लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकार देंगे प्रस्तुति

भोपाल। जल गंगा संवर्धन अभियान व्यापक रूप से जन अभियान बन चुका है और 1 लाख 77 हजार 121 कार्य पूरे हो चुके हैं। उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भोपाल में सदानीरा समागम में देश-विदेश के विशेषज्ञ जल संरक्षण पर मंथन करेंगे। इसमें नौ देशों के प्रतिनिधि और कई बड़ी संस्थाएं एक मंच पर आएंगी।
शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का ये होगा रूट
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि उज्जैन में गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा और सांस्कृतिक कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 25 मई को शुरू होने वाली इस परिक्रमा की शुरूआत रामघाट से होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला महामृत्युंधजय द्वार प्रशांतिधाम शनि मंदिर से दत्तअखाड़ा घाट पहुंचेगी। यात्रा रात के विश्राम के बाद गंगा दशमी पर यह परिक्रमा विभिन्न स्थानों रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़ सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम गढ़कालिका, गोपाल मंदिर से होत हुए रामघाट पर पहुंचेगी।
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सीएम 300 फीट चुनरी मां शिप्रा को करेंगे अर्पित
श्रीराम तिवारी ने बताया कि शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 300 फीट की चुनरी मां शिप्रा को अर्पित की जाएगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहेगा। बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। आयोजन के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहेगा। यह परंपरा शिप्रा नदी के प्रति श्रद्धा और सम्मान को दर्शाती है। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालु भी शामिल होंगे।
भारतीय नौसेना बैंड की होगी प्रस्तुति
उज्जैन में 25-26 मई को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पंडित ढोली बुवा द्वारा नारद कथा गायन परंपरा पर हरिकथा 17 मई से प्रतिदिन शाम 7:30 बजे रामघाट पर शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही दत्तअखाड़ा घाट पर भजन संध्या में श्रेयश शुक्ला और साथी, इंदौर, जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल की प्रस्तुति होगी। इसी कड़ी में 26 मई को भारतीय नौसेना का बैंड की प्रस्तुति और मुंबई के केशवम् बैंड की भजन जैर्मिंग और सुप्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर द्वारा भजनों की प्रस्तुति जायेगी।
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सदानीरा समागम, जल संरक्षण पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक आयोजित होने जा रहे सदानीरा समागम के माध्यम से जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस सात दिवसीय समागम में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता सहभागी होंगे। यह पहली बार हो रहा है जिसमें इसरो, जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीस, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप, टाटा संस जैसे बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक मंच पर आ रहे हो। समारोह में फिजी, त्रिनिदाद और टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित अनेक देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों की सहभागिता इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी।
पंचमहाभूत पर विमर्श और सांस्कृतिक आयोजन
सदानीरा समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित कई सेशन आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में जल संरक्षण, भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ विमर्श करेंगे। देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया और विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर प्रमुख भी सहभागिता करेंगे। समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन नृत्य नाटिकाएं, लोकगायन, रंगमंचीय प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट, नर्मदा हर कंकर शंकर और दक्षिण कोरिया की मूट डांस कंपनी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेंगी।












