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राम मंदिर चढ़ावा चोरी :चंपत राय- अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, पहली बैठक 3 घंटे तक चली, रिटायर्ड IFS अधिकारी बने नए महासचिव

नियुक्ति के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गई थीं, जिनका फायदा उठाया गया। उन्होंने कहा कि अब सभी लूपहोल्स बंद किए जाएंगे और ट्रस्ट की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
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चंपत राय- अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, पहली बैठक 3 घंटे तक चली, रिटायर्ड IFS अधिकारी बने नए महासचिव
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। घटना के बाद हुई ट्रस्ट की पहली बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। ट्रस्ट के सदस्यों ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा की।

ट्रस्ट ने भरोसा बहाल करने का दिया भरोसा

बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि चंपत राय का कहना था कि जब तक चढ़ावा चोरी के आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और शर्मनाक बताया। वहीं ट्रस्टी के. पाराशरन ने कहा कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार इस्तीफा मिलते ही उसे स्वीकार करने का प्रावधान है।

नए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि चोरी के आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने माना कि प्रबंधन की कुछ कमियों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया और भरोसा दिलाया कि सभी खामियों को दूर कर श्रद्धालुओं का विश्वास दोबारा मजबूत किया जाएगा।

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आपात बैठक में लिया गया फैसला, रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन बने नए महासचिव

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। ट्रस्ट की आपात बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया। बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

'प्रबंधन में कमियां थीं, पारदर्शिता बढ़ाएंगे' : कृष्ण मोहन

नियुक्ति के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गई थीं, जिनका फायदा उठाया गया। उन्होंने कहा कि अब सभी लूपहोल्स बंद किए जाएंगे और ट्रस्ट की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं के दान और मंदिर के संचालन से जुड़ी हर जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा की जाएगी। साथ ही समाज में ट्रस्ट की जो छवि प्रभावित हुई है, उसे दोबारा मजबूत करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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कोषाध्यक्ष- दोषियों को मिलेगी सजा, बैठक में गोपाल राव को नहीं मिला प्रवेश

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि मामले को लेकर झूठा प्रपंच खड़ा किया जा रहा है, लेकिन दोषियों को कानून के तहत सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह सीधे ट्रस्ट कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकता है। वहीं बैठक के दौरान एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा।

बैठक में गोपाल राव को नहीं मिला प्रवेश

रिपोर्ट्स के अनुसार, बिना आमंत्रण ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे गोपाल राव को बैठक कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया। चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट की यह बैठक और इसमें लिए गए फैसलों को श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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