इंदौर में युवा वकीलों को आर्थिक सहारा देने की मांग अब अदालत तक पहुंच गई है। जूनियर अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक स्टायपेंड तय करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका यंग एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव मानवर्धन सिंह तोमर की ओर से लगाई गई है। मामले पर सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है, जबकि याचिका की पैरवी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह भदौरिया करेंगे।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार जूनियर वकीलों को स्टायपेंड देने की मांग पहले भी राज्य सरकार के सामने रखी जा चुकी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय प्रदेश के 12 हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं ने इस मांग का समर्थन भी किया था। हालांकि अब तक इस विषय पर कोई ठोस फैसला नहीं होने के कारण एसोसिएशन ने इसे न्यायालय के सामने रखने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 35 हजार से अधिक युवा अधिवक्ता इस श्रेणी में आते हैं।
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याचिका में जूनियर वकीलों के लिए एक व्यवस्थित स्टायपेंड योजना बनाने की मांग की गई है ताकि शुरुआती दौर में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अधिवक्ता पेशे की शुरुआत में अधिकतर युवा वकीलों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नियमित आय नहीं होने के कारण कई लोगों के लिए पेशे में टिके रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यदि न्यूनतम स्टायपेंड की व्यवस्था लागू होती है तो युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती वर्षों में सहारा मिलेगा और इससे न्याय व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।