धर्म डेस्क। हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी पूजन किया जाता है। तुलसी विवाह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, पवित्रता और परिवार में समृद्धि लाने वाला पर्व है। हिंदू धर्म में इसका काफी महत्व है, मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता और शालिग्राम भगवान का विवाह करवाया जाता है। इस दिन पूजा करने से धार्मिक पुण्य, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
तुलसी माता पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक हैं। तुलसी का पौधा लगाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। शालिग्राम शिला को भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है। आज के दिन माता तुलसी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। फिर तुलसी माता और शालिग्राम भगवान का विवाह कराया जाता है। माता तुलसी को लाल चुनरी, चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी और 16 श्रृंगार की सभी वस्तुएं अर्पित की जाती है।