होर्मुज जल्द खुलेगा!ट्रंप बोले- अगले हफ्ते समझौता हुआ तो ये सैन्य उपलब्धि से बड़ी जीत होगी...

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समझौता हो सकता है। उन्होंने ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो यह किसी सैन्य जीत से भी बड़ी उपलब्धि होगी। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और कूटनीतिक समाधान की संभावना अभी बनी हुई है। हालांकि, किसी अंतिम समझौते से पहले कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
ट्रंप- इजरायल को हमले से रोका है
ट्रंप ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि हालात में थोड़ी परेशानी पैदा हुई थी, लेकिन उसे जल्दी संभाल लिया गया। इससे पहले भी ट्रंप दावा कर चुके हैं कि उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेरूत पर बड़े पैमाने के हमले से रोका था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे कदम से इजराइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा अलग-थलग पड़ सकता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कई मौकों पर वह इजराइल के समर्थन में खड़े रहे हैं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
1. कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला
ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया, ईरान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया।
2. अमेरिका-ईरान बातचीत फिर शुरू
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद बातचीत दोबारा शुरू होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच संपर्क और कूटनीतिक संवाद आगे बढ़ा है।
3. लेबनान हमले पर ईरान की चेतावनी
ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ सीजफायर समझौते में लेबनान भी शामिल है। ऐसे में वहां कोई हमला पूरे समझौते के उल्लंघन के तौर पर देखा जाएगा।
4. ईरान के द्वीपों पर अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिका ने गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले करने का दावा किया है। इसे अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने की घटना का जवाब बताया गया।
5. ट्रंप की ईरान डील में परमाणु मुद्दा शामिल
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित ईरान समझौते में परमाणु मुद्दों का साफ और विस्तार से जिक्र है। इससे पहले माना जा रहा था कि इस विषय पर बाद में बातचीत होगी।
दोनों देशों में अभी क्या- क्या चल रहा?
- दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संपर्क और वार्ता दोबारा शुरू हो गई है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी सीजफायर समझौते में लेबनान का मुद्दा शामिल है और वहां हमला पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।
- अमेरिका ने आत्मरक्षा में किए हमले
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई पिछले सप्ताह केश्म द्वीप के ऊपर गिराए गए अमेरिकी ड्रोन के जवाब में की गई।
- ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रस्तावित ईरान समझौते में परमाणु मुद्दों का साफ और विस्तार से जिक्र किया गया है। इससे पहले कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बाद में की जाएगी।
अमेरिका के तेल भंडार में भारी कमी दर्ज
युद्ध का असर तेल बाजार पर भी साफ दिख रहा है। अमेरिका अपने रणनीतिक तेल भंडार से अब तक करीब 5.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल जारी कर चुका है, जो उसके कुल रिजर्व का लगभग 14% है। मार्च 2026 में संकट शुरू होने से पहले अमेरिकी रिजर्व में करीब 41.5 करोड़ बैरल तेल था, जो अब घटकर 35.71 करोड़ बैरल रह गया है। यह जनवरी 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है।
IEA ने लिया बड़ा फैसला
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों ने भी सामूहिक रूप से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारने का फैसला लिया है, ताकि आपूर्ति संकट और बढ़ती कीमतों को काबू में रखा जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है। अगर जून के आखिर तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला, तो तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।











