वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान इतिहास का सबसे लंबा भाषण देकर नया रिकॉर्ड बना दिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अपने संबोधन में ट्रंप ने उन देशों को कड़ा संदेश दिया जो टैरिफ से जुड़े अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद व्यापारिक समझौतों से पीछे हटने पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के हितों के खिलाफ जाने वाले किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विदेश नीति पर बात करते हुए ट्रंप ने दोहराया कि वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। साथ ही उन्होंने एक बार फिर यह दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रुकवाने में भूमिका निभाई थी, हालांकि यह दावा पहले भी विवादों में रहा है।
इसके अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में वेनेजुएला को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अब अमेरिका का नया दोस्त और भरोसेमंद पार्टनर बन चुका है। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रिश्तों में तेजी से सुधार हो रहा है, जिसका प्रमाण हाल ही में हुआ ऊर्जा समझौता है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका ने वेनेजुएला से करीब 80 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। ट्रंप ने इसे द्विपक्षीय सहयोग के नए दौर की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह सौदा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत होते संबंधों का साफ संकेत है।
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अमेरिका में राष्ट्रपति हर वर्ष जनवरी या फरवरी के दौरान कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हैं। इस वार्षिक संबोधन को ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ कहा जाता है। इस दिन अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों—प्रतिनिधि सभा और सीनेट—के सदस्य हाउस चैंबर में एक साथ मौजूद रहते हैं। इस अवसर पर प्रतिनिधि सभा के स्पीकर और उपराष्ट्रपति, जो सीनेट के अध्यक्ष भी होते हैं, राष्ट्रपति के पीछे ऊंचे मंच पर बैठते हैं। यह मंच व्यवस्था अमेरिकी लोकतांत्रिक परंपराओं का अहम हिस्सा मानी जाती है।