वॉशिंगटन/तेल अवीव। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामलों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने इन मुकदमों को एक राजनीतिक साजिश करार देते हुए नेतन्याहू का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कानूनी हमलों से इजराइल की सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर जब देश ईरान के परमाणु खतरे और हमास के साथ संघर्ष जैसे गंभीर मसलों का सामना कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू के साथ जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने नेतन्याहू को एक जंग का हीरो बताते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खतरनाक परमाणु कार्यक्रम को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप ने लिखा, “यह पागलपन है और न्याय का मजाक है। अमेरिका हर साल अरबों डॉलर इजराइल की मदद में खर्च करता है और हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि नेतन्याहू को इन झूठे और राजनीति से प्रेरित मामलों से मुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश और क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े कहीं अधिक महत्वपूर्ण कार्य हैं। उन्होंने इस प्रकार की कानूनी कार्रवाई को न्याय की हत्या बताया।
नेतन्याहू के खिलाफ मई 2020 से भ्रष्टाचार से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में मुकदमा चल रहा है। इन मामलों में उन पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहले मामले को गिफ्ट केस कहा जाता है, जिसमें उन पर हॉलीवुड प्रोड्यूसर अर्नोन मिलचन और ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी जेम्स पैकर से महंगे तोहफे लेने के आरोप हैं। इन तोहफों में लगभग दो लाख डॉलर के सिगार, शैम्पेन और ज्वेलरी शामिल हैं। आरोप है कि इसके बदले नेतन्याहू ने उन्हें राजनीतिक लाभ पहुंचाए।
दूसरे मामले को मीडिया डील केस कहा जाता है, जिसमें नेतन्याहू पर आरोप है कि उन्होंने यहडियोट अहरोनोत अखबार के पब्लिशर से अपने पक्ष में सकारात्मक कवरेज के बदले एक ऐसा कानून पास कराने की कोशिश की, जिससे उनके प्रतिद्वंद्वी अखबार इजराइल हायोम को नुकसान पहुंचे।
तीसरे और सबसे बड़ा मामला बीजेक टेलिकॉम केस है। इसमें आरोप है कि नेतन्याहू ने बीजेक नामक एक प्रमुख टेलिकॉम कंपनी को नीतिगत लाभ दिलाए। इसके बदले कंपनी के मालिक शाउल एलोविच के न्यूज पोर्टल ‘वल्ला’ पर उनके पक्ष में खबरें चलाई गईं।
बेंजामिन नेतन्याहू ने इन सभी मामलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह मुकदमे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं और विपक्ष द्वारा उनकी छवि खराब करने की साजिश के तहत चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बार-बार यह दोहराया है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और वे न्यायपालिका के जरिए खुद को निर्दोष साबित करेंगे।
मौजूदा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार, इन मुकदमों में किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने में अभी समय लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 से पहले इस पर अंतिम फैसला आने की संभावना नहीं है। इसके बाद नेतन्याहू के पास इजराइली सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा।