Truecaller ने लॉन्च किया नया आइकन और लोगो... अब संदिग्ध नंबर की ऐसे होगी पहचान; पढ़ें पूरी खबर

टेक डेस्क। यूजर को स्पैम कॉल से छुटकारा दिलाने के लिए ट्रूकॉलर ने नया AI फीचर अपडेट किया है। जो मशीन लर्निंग और क्लाउड टेलीफोनी का यूज करके कॉल्स को पिक करता है और कॉल करने वाले की बात को ट्रांसफर कर यूजर को ये बताता है कि उन्हें यह कॉल उठानी चाहिए या नहीं। यदि आपके ट्रूकॉलर में ये फीचर ऑन है और आप फोन से दूर हैं तो यह कॉल को खुद रिसीव करेगा और स्मैम होने पर इसकी जानकारी आपको देगा। इसके साथ ही कंपनी ने अपना लोगो और आइकन भी बदल दिया है।
ऐसे काम करता है फीचर
इस फीचर को ऑन करते ही जब भी आपको कोई कॉल आता है तो उसे आप डिजिटल अस्सिटेंट को ट्रांसफर कर सकते हैं। यानि आपके बदले आपका कॉल AI पिक करेगा। AI कॉलर की आवाज को टेक्स्ट में बदलेगा और आपको बताएगा कि फोन उठाना चाहिए या नहीं। ट्रूकॉलर के एमडी इंडिया ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि अब तक ट्रूकॉलर आपको दिखाता था कि कौन कॉल कर रहा है। अब आप ट्रूकॉलर असिस्टेंट को अपनी ओर से कॉलर के साथ बातचीत करने दे सकते हैं, ताकि आपको स्पैम कॉल न उठाने पड़ें। https://x.com/Truecaller/status/1704509168227352976?s=20तीन कलर स्ट्रिप में दिखाई देगा नंबर
कंपनी ने आइकन और लोगो की रीब्रांडिंग के साथ ही एंटी फ्रॉड फीचर ‘सर्च कॉन्टेक्ट्स’ लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर को नंबर तीन स्ट्रिप में दिखाई देंगे।- जिस यूजर ने हाल ही में अपना नाम बदला है, उसका नंबर ब्लू कलर की स्ट्रिप में दिखाई देगा।
- यदि यूजर ने कई बार नाम बदला है तो उसका नंबर येलो कलर की स्ट्रिप के साथ दिखाई देगा।
- एक सप्ताह में 3 से ज्यादा बार नाम बदलने वाले यूजर का नंबर रेड कलर की स्ट्रिप के साथ दिखाई देगा। जिन्हें कंपनी ने संदिग्ध की कैटेगरी में रखा है। इसके साथ वॉर्निंग लिखा दिखाई देगा।
- तीनों स्ट्रिप के साथ कॉलर नंबर की जानकारी भी दिखाई देगी।











