
राजीव सोनी-भोपाल। मध्यप्रदेश में अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के बाद अब तीन अन्य सीटों पर उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। बीना और विजयपुर सीट पर भाजपा के चेहरे लगभग तय हैं लेकिन बुधनी में प्रत्याशी को लेकर अभी कश्मकश दूर नहीं हो पाई है। यहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पसंद का प्रत्याशी ही मैदान में उतरेगा। अक्टूबर-नवंबर में संभावित माने जा रहे उपचुनाव का कार्यक्रम अभी जारी होना बाकी है। लेकिन बीना में पूर्व विधायक महेश राय भी तैयारी से हैं। उनके बारे में यह चर्चा चल पड़ी है कि कांग्रेस उन पर डोरे डाल रही है, ऐन वक्त पर मैदान में उतर भी सकते हैं। कांग्रेस ने बीना में भाजपा की संभावित् प्रत्याशी निर्मला सप्रे और विजयपुर में मंत्री रामनिवास रावत की घेराबंदी के लिए अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर ली है।
मंत्री राजपूत पर आएगी निर्मला सप्रे की जवाबदारी!
बताया जाता है कि सागर भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्मला को भाजपा जॉइन कराने में खास भूमिका निभाई थी। इसलिए अब यह भी संभावना है कि सत्ता-संगठन के नेता मंत्री राजपूत को चुनाव जिताने की जवाबदारी भी सौंप सकती है। निर्मला सप्रे बीना के जिला और बहुप्रतीक्षित रिंग रोड बनने में अपना राजनीतिक उत्थान देख रही हैं। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ और विकास कार्य भी उन्होंने सरकार के सामने रखे हैं।
अमरवाड़ा के बाद जोश…
प्रदेश की जनता लोकसभा की सभी 29 सीटों पर अपना जनादेश दे चुकी है। अमरवाड़ा उपचुनाव का फैसला भी सामने है। विजयपुर सीट पर भाजपा से मंत्री रावत का नाम लगभग तय माना जा रहा है। अभी बुधनी को लेकर भाजपा ने अपने पत्ते सार्वजनिक नहीं किए हैं। बीना विधायक निर्मला सप्रे भाजपा की सदस्यता जरूर ले चुकी हैं लेकिन तकनीकी तौर पर वह कांग्रेस की विधायक बनी हुई हैं।
तो फिर होंगे आमने-सामने
बीना में कांग्रेस पूर्व भाजपा विधायक महेश राय के असंतोष को भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सात महीने पहले ही चुनाव में विधायक सप्रे ने भाजपा के राय को चुनाव में पराजित किया था। कांग्रेस यदि महेश राय का पाला बदलवाने में सफल हुई तो संभव है कि यह जोड़ी एक बार फिर बदली हुई पार्टियों के बैनर पर चुनाव मैदान में आमनेसा मने आ जाए।
इस्तीफे के निर्देश नहीं, मार्गदर्शन का इंतजार
विधायकी से इस्तीफा देने का अभी निर्देश नहीं मिला है। संगठन से जैसा मार्गदर्शन मिलेगा वैसा निर्णय करेंगे। मैंने तो कार्यकर्ता के रूप में भाजपा जॉइन की है। चुनाव लड़ने का निर्देश मिलेगा तो चुनाव भी लड़ लेंगे। -निर्मला सप्रे, विधायक बीना
गिरनार का मामला आने से मैं तो परिस्थितिवश हारा
क्षेत्र में चर्चाएं तो कई तरह की हैं। पार्टी जो भी निर्देश देगी उसका पालन करेंगे। राजनीति में संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। गिरनार का मसला आ गया था। इसलिए परिस्थितिवश मैं चुनाव हार गया था। अब ऐसा नहीं है। -महेश राय, पूर्व विधायक