PlayBreaking News

US-Israel Iran Conflict :रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, ट्रंप बोले- ईरान पर सबसे बड़ा हमला अभी बाकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग तेज हो गई है। रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने को कहा है। जानिए इस युद्ध की पूरी टाइमलाइन, हमले, मौतों का आंकड़ा और ताजा अपडेट।
Follow on Google News
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, ट्रंप बोले- ईरान पर सबसे बड़ा हमला अभी बाकी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेल अवीव/तेहरान। मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग हर दिन और खतरनाक होती जा रही है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए ड्रोन हमले के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा है कि, ईरान को बहुत जल्द इसका जवाब मिलेगा।

    ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि, आने वाले दिनों में ईरान पर और बड़े सैन्य हमले हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, जंग कुछ हफ्तों तक जारी रह सकती है। इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के कई देशों से तुरंत निकलने की सलाह दी है।

    रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला

    मिडिल ईस्ट में तनाव तब और बढ़ गया जब सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला हुआ। सोमवार रात एम्बेसी परिसर के ऊपर जोरदार धमाके सुने गए और घना धुआं उठता देखा गया। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दो ड्रोन दूतावास की इमारत से टकराए।

    हमले में क्या हुआ

    घटना

    जानकारी

    ड्रोन हमले

    2

    स्थान

    अमेरिकी दूतावास, रियाद

    नुकसान

    मामूली

    घायल

    कोई नहीं

    सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद आग लगी थी लेकिन उसे जल्द ही बुझा लिया गया।

    ट्रंप की चेतावनी- ईरान को जल्द पता चल जाएगा

    ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, ईरान को जल्द ही पता चल जाएगा कि अमेरिका इस हमले का क्या जवाब देगा। ट्रंप ने कहा कि, उन्हें नहीं लगता कि ईरान में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना भेजने की जरूरत होगी। उनका मानना है कि, हवाई और तकनीकी सैन्य ताकत से ही अभियान जारी रखा जा सकता है।

    अगले 24 घंटों में बड़े हमले की तैयारी

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले 24 घंटों में ईरान पर हमलों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले चरण में इन चीजों को निशाना बनाया जा सकता है-

    • मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट
    • ड्रोन निर्माण केंद्र
    • नौसेना ठिकाने

    इससे ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर करने की रणनीति बनाई गई है।

    यह भी पढ़ें: खामेनेई की मौत का बदला: इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का दफ्तर तबाह, ईरान का बड़ा दावा!

    अमेरिकियों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के कई देशों से तुरंत निकलने की सलाह दी है। जिन देशों को छोड़ने की सलाह दी गई वो हैं-

    • बहरीन
    • कुवैत
    • मिस्र
    • लेबनान
    • ईरान
    • ओमान
    • इराक
    • कतर
    • इजरायल
    • सऊदी अरब
    • जॉर्डन
    • यूएई
    • सीरिया
    • यमन
    • गाजा और वेस्ट बैंक

    अमेरिका ने कहा कि, इन क्षेत्रों में सुरक्षा जोखिम तेजी से बढ़ रहा है।

    पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास का बड़ा फैसला

    जंग का असर पाकिस्तान में भी देखने को मिला है। अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा कारणों से सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। यह आदेश इस्लामाबाद, लाहौर और कराची में लागू किया गया है और 6 मार्च तक प्रभावी रहेगा।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची में अमेरिकी कांसुलेट के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और सुरक्षाकर्मियों को गोली चलानी पड़ी।

    घटना की जानकारी

    घटना

    संख्या

    प्रदर्शनकारियों की मौत

    10

    कुल मृतक (पाकिस्तान)

    23

    प्रदर्शनकारियों ने दूतावास परिसर की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की थी।

    इराक में सेना की कमान प्रधानमंत्री के हाथ

    इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-सुदानी ने देश में सभी सैन्य और सुरक्षा ऑपरेशन की कमान अपने हाथ में ले ली है। हालांकि, इराक ने साफ किया है कि वह इस युद्ध में सीधे शामिल नहीं होगा।

    हिजबुल्लाह भी हुआ सक्रिय

    लेबनान के हिजबुल्लाह संगठन ने भी बयान जारी किया है। उसने कहा कि इजरायल के हमलों का जवाब देना उसका अधिकार है और अगर हमले जारी रहे तो वह जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। हालांकि लेबनान सरकार ने कहा है कि हिजबुल्लाह की भूमिका अब सिर्फ राजनीति तक सीमित रहेगी।

    अमेरिका को भी नुकसान

    इस जंग में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है।

    नुकसान

    संख्या

    मारे गए सैनिक

    3

    घायल सैनिक

    4

    गिराए गए फाइटर जेट

    3

    कुवैत में फ्रेंडली फायर की वजह से तीन अमेरिकी फाइटर जेट गिर गए।

    कितने समय तक चल सकती है जंग ?

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि, यह युद्ध 4 से 5 हफ्तों तक चल सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अभियान इससे ज्यादा समय तक भी जारी रह सकता है।

    Featured News

    मिडिल ईस्ट में बढ़ता वैश्विक तनाव

    मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय युद्ध नहीं रह गया है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि, अगर यह युद्ध लंबा चलता है तो इसके कई बड़े परिणाम हो सकते हैं-

    • तेल की कीमतों में भारी उछाल
    • वैश्विक व्यापार पर असर
    • क्षेत्रीय अस्थिरता
    • नए सैन्य गठबंधन

    28 फरवरी से शुरू हुआ बड़ा सैन्य अभियान

    मिडिल ईस्ट में मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस सैन्य अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना था। इसके तहत कई अहम टारगेट चुने गए।

    मुख्य टारगेट

    • ईरान के सुप्रीम लीडर का कंपाउंड
    • परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकाने
    • मिसाइल निर्माण फैक्ट्रियां
    • इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड सेंटर

    शुरुआती 30 घंटों में ही 2000 से ज्यादा बम गिराए गए और 1000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।

    हमलों में ईरान को भारी नुकसान

    अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका लगा है। कई सैन्य प्रतिष्ठान नष्ट हो चुके हैं और बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।

    अब तक का अनुमानित नुकसान

    नुकसान

    संख्या

    हमले किए गए ठिकाने

    1000 से ज्यादा

    गिराए गए बम

    2000 से ज्यादा

    मारे गए लोग

    742

    घायल लोग

    750 से ज्यादा

    बच्चों की मौत

    176

    मारे गए टॉप लीडर

    48 से ज्यादा

    रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की मिसाइल क्षमता का लगभग आधा हिस्सा नष्ट हो चुका है। इसके अलावा नौ नौसैनिक जहाज भी डूब गए हैं।

    सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत

    इस युद्ध की सबसे बड़ी घटना ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत है। हमलों के पहले दिन ही उनके कंपाउंड को निशाना बनाया गया था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि इस हमले में खामेनेई मारे गए हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने भी उनकी मौत की पुष्टि की। इसके अलावा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और शीर्ष नेता भी इस हमले में मारे गए।

    यह भी पढ़ें: US Iran Israel Conflict : ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई की पत्नी की भी मौत

    खामेनेई की पत्नी की भी मौत

    खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह का भी निधन हो गया। वे उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हुई थीं जिसमें खामेनेई की मौत हुई थी। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मंसूरेह का जन्म 1947 में मशहद में हुआ था और वे एक प्रतिष्ठित धार्मिक परिवार से थीं।

    ईरान का पलटवार- कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमले

    अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने भी कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए जिनका दायरा काफी बड़ा था। जिन देशों को बनाया गया निशाना-

    • इजरायल
    • संयुक्त अरब अमीरात
    • कतर
    • बहरीन
    • कुवैत
    • जॉर्डन
    • सऊदी अरब
    • इराक

    इन हमलों में कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा।

    अब तक की जंग की टाइमलाइन

    तारीख

    घटना

    28 फरवरी

    अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए

    28 फरवरी

    खामेनेई के कंपाउंड पर हमला

    1 मार्च

    खामेनेई की मौत की पुष्टि

    2 मार्च

    ईरान के जवाबी मिसाइल हमले

    3 मार्च

    रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts