‘टॉक्सिक’ की दुनिया में हुई नई एंट्री:‘कांतारा’ फेम साउथ की हसीना बनीं रहस्यमयी ‘मेलिसा’

यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में अब रुक्मिणी वसंत का प्रवेश हुआ है। वह ‘मेलिसा’ के रोल में शालीन, प्रभावशाली और कभी झुकने वाली नहीं दिखेंगी। निर्देशक गीतू मोहनदास की कहानी में किरदारों की गहराई पर फोकस, यश की ग्लोबल दर्शकों तक इमोशनल कनेक्ट की कोशिश।
‘कांतारा’ फेम साउथ की हसीना बनीं रहस्यमयी ‘मेलिसा’
Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ हर नए खुलासे के साथ अपनी डार्क और परतदार दुनिया को और गहरा कर रही है। मेकर्स ने अब फिल्म से एक और अहम किरदार का अनावरण किया है। रुक्मिणी वसंत फिल्म में ‘मेलिसा’ के रोल में नजर आएंगी। एक ऐसा किरदार जो शालीन भी है, प्रभावशाली भी और किसी भी हाल में झुकने को तैयार नहीं। ‘टॉक्सिक’ रुक्मिणी वसंत और यश के बीच पहली बड़ी सिनेमाई साझेदारी है, जिसे निर्देशक गीतू मोहनदास की विशिष्ट कहानी कहने की शैली और मजबूत बनाती है। अपनी संवेदनशील और सोच-समझकर की गई परफॉर्मेंस के लिए पहचानी जाने वाली रुक्मिणी की एंट्री यह साफ संकेत देती है कि फिल्म सिर्फ स्टाइल या स्केल पर नहीं, बल्कि किरदारों की गहराई पर भी फोकस कर रही है। वहीं यश इस प्रोजेक्ट के जरिए एक ऐसी भारतीय फिल्म पेश करना चाहते हैं, जिसकी इमोशनल कनेक्ट ग्लोबल दर्शकों तक पहुंचे।

    1960 के दशक की पार्टी लेकिन मेलिसा सबसे अलग

    मेलिसा का फर्स्ट लुक 1960 के दशक के आखिरी दौर की एक रंगीन लेकिन रहस्यमयी पार्टी की पृष्ठभूमि में सामने आता है। चारों ओर शोर, जश्न और हलचल है, लेकिन मेलिसा की मौजूदगी पूरी महफिल को ठहरा देती है। उनकी नजरें शांत हैं, चाल आत्मविश्वास से भरी है और हर कदम पूरी सोच के साथ रखा गया लगता है। यही कंट्रास्ट फिल्म के टोन को और मजबूत करता है, जहां बाहर सब कुछ बहता हुआ दिखता है, वहीं असली ताकत भीतर छुपी है।

    ‘टॉक्सिक’ की महिला किरदारों की लेयर वाली दुनिया

    रुक्मिणी वसंत से पहले फिल्म में कियारा आडवाणी (नादिया), हुमा कुरैशी (एलिज़ाबेथ), नयनतारा (गंगा) और तारा सुतारिया (रेबेका) के दमदार फर्स्ट लुक सामने आ चुके हैं। इन सभी किरदारों के साथ ‘टॉक्सिक’ एक ऐसी दुनिया रच रही है, जहां महिला किरदार सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी दिशा तय करते नजर आते हैं। मेलिसा की एंट्री इस इमोशनल और साइकोलॉजिकल परत को और विस्तार देती है।

    स्क्रीन पर बिना कुछ बोले बहुत कुछ कह जाता है रुक्मिणी का किरदार

    निर्देशक गीतू मोहनदास के अनुसार, रुक्मिणी की सबसे बड़ी ताकत उनकी कलाकार के रूप में समझ है। वह सिर्फ संवाद नहीं बोलतीं, बल्कि किरदार को अंदर से जीती हैं। गीतू कहती हैं कि रुक्मिणी के सवाल जिज्ञासा से आते हैं, न कि संदेह से, और यही बात उन्हें एक निर्देशक के तौर पर और गहराई से सोचने के लिए मजबूर करती है। उनका यह अप्रोच स्क्रीन पर बिना बोले भी बहुत कुछ कह जाता है। 

    बता दें कि ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को कन्नड़ और अंग्रेज़ी में एक साथ शूट किया गया है। इसे हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम समेत कई भाषाओं में रिलीज़ करने की योजना है। फिल्म की तकनीकी टीम भी उतनी ही मजबूत है। 

    सिनेमैटोग्राफी: नेशनल अवॉर्ड विजेता राजीव रवि कर रहे

    म्यूजिक: रवि बस्रूर

    एडिटिंग: उज्ज्वल कुलकर्णी

    प्रोडक्शन डिजाइन: टीपी आबिद

    एक्शन: हॉलीवुड एक्शन डायरेक्टर जेजे पेरी (जॉन विक) के साथ नेशनल अवॉर्ड विजेता अंबरिव-केचा खाम्फाकडी की जोड़ी

    यश और गीतू मोहनदास द्वारा लिखी गई और गीतू के निर्देशन में बनी यह फिल्म केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले तैयार हो रही है। 19 मार्च 2026 को ईद, उगादी और गुड़ी पड़वा के लंबे फेस्टिव वीकेंड पर ‘टॉक्सिक’ की भव्य थिएट्रिकल रिलीज़ तय है। हर नए खुलासे के साथ फिल्म खुद को 2026 की सबसे चर्चित और महत्वाकांक्षी भारतीय फिल्मों में शामिल करती जा रही है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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