क्या आपका टूथब्रश बन चुका है बैक्टीरिया का घर?जानिए कब बदलना चाहिए और कहां रखना है सुरक्षित

सुबह उठते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले दांत साफ करते हैं। यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। लेकिन जिस टूथब्रश का इस्तेमाल हम हर दिन करते हैं, उसके बारे में अक्सर सबसे जरूरी बात भूल जाते हैं उसे कब बदलना चाहिए? कई लोग एक ही टूथब्रश तब तक इस्तेमाल करते रहते हैं, जब तक उसके रेशे पूरी तरह खराब नहीं हो जाते।
वहीं कुछ लोग ब्रश करने के बाद उसे बाथरूम में ही रख देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ये दोनों आदतें आपकी ओरल हेल्थ के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। समय पर टूथब्रश बदलना और उसे सही जगह पर रखना दांतों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।
कितने समय बाद बदल देना चाहिए टूथब्रश?
डेंटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक सामान्य टूथब्रश की उम्र लगभग 2 से 4 महीने होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार,
- हर 2 से 3 महीने में टूथब्रश बदल लेना चाहिए।
- अधिकतम 12 से 16 सप्ताह (3-4 महीने) तक ही इस्तेमाल करें।
- अगर ब्रश के रेशे फैल जाएं या मुड़ जाएं तो तुरंत बदल दें।
- बीमारी या संक्रमण के बाद नया टूथब्रश इस्तेमाल करें।
डेंटिस्टों का कहना है कि, समय के साथ ब्रश के ब्रिसल्स घिसने लगते हैं और दांतों की सफाई करने की क्षमता कम हो जाती है।
पुराना टूथब्रश क्यों बन सकता है खतरा?
हमारे मुंह में लाखों बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीव मौजूद रहते हैं। ब्रशिंग के दौरान इनमें से कई बैक्टीरिया ब्रश के रेशों में जमा हो जाते हैं। जब टूथब्रश पुराना हो जाता है तो-
- ब्रिसल्स कमजोर पड़ जाते हैं।
- दांतों के बीच जमा गंदगी ठीक से साफ नहीं होती।
- प्लाक और कैविटी का खतरा बढ़ता है।
- मुंह से बदबू आने लगती है।
- मसूड़ों में सूजन और खून आने की समस्या हो सकती है।
- बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं।
खराब ओरल हेल्थ का असर केवल दांतों तक सीमित नहीं रहता। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचकर कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
सॉफ्ट, मीडियम या हार्ड... कौन सा टूथब्रश बेहतर?
डेंटल विशेषज्ञों के अनुसार-
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ब्रश का प्रकार |
किसके लिए बेहतर |
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सॉफ्ट ब्रिसल्स |
संवेदनशील मसूड़ों वाले लोगों के लिए |
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मीडियम ब्रिसल्स |
सामान्य ओरल हेल्थ वाले लोगों के लिए |
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हार्ड ब्रिसल्स |
आमतौर पर सलाह नहीं दी जाती |
डॉक्टरों का मानना है कि, हार्ड ब्रश मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं सॉफ्ट ब्रश दांतों की सफाई भी करता है और मसूड़ों को सुरक्षित भी रखता है। अगर ब्रश करते समय दर्द, जलन या चुभन महसूस हो तो तुरंत नया ब्रश लेना चाहिए।
बीमारी के बाद टूथब्रश बदलना क्यों जरूरी?
अगर आपको इनमें से कोई समस्या हुई हो तो ठीक होने के बाद टूथब्रश बदल लेना चाहिए।
- सर्दी-जुकाम
- वायरल इंफेक्शन
- फ्लू
- गले का संक्रमण
- बैक्टीरियल इंफेक्शन
पुराने ब्रश पर मौजूद बैक्टीरिया दोबारा संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बच्चों के मामले में और ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
बाथरूम में टूथब्रश रखना कितना खतरनाक?
हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि, टॉयलेट फ्लश करने पर हवा में सूक्ष्म कण (Toilet Plume) फैलते हैं। इन कणों में मौजूद बैक्टीरिया कई फीट दूर तक जा सकते हैं, टूथब्रश के ब्रिसल्स पर जम सकते हैं और माइक्रोबियल लोड बढ़ा सकते हैं। छोटे बाथरूम, खराब वेंटिलेशन और टॉयलेट के पास रखे ब्रश में यह खतरा और बढ़ जाता है।
टॉयलेट फ्लश और टूथब्रश का कनेक्शन
रिसर्च के अनुसार फ्लशिंग के दौरान हवा में ऐसे बैक्टीरिया फैल सकते हैं जो ई. कोलाई (E. coli) और क्लोस्ट्रीडियोइड्स डिफिसाइल (C. difficile) जैसे संक्रमणों से जुड़े होते हैं। हालांकि, हर बार ब्रश संक्रमित नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक ऐसा एक्सपोजर संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
टूथब्रश रखने का सही तरीका
स्वास्थ्य विशेषज्ञ टूथब्रश रखने के लिए ये सुझाव देते हैं-
क्या करें?
- ब्रश को खुली और सूखी जगह रखें
- इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह धोएं
- सीधा खड़ा करके रखें
- हफ्ते में एक बार सैनिटाइज करें
- दूसरों के ब्रश से अलग रखें
- यात्रा के दौरान कवर का उपयोग करें
क्या न करें?
- टॉयलेट के पास न रखें।
- गीले बंद बॉक्स में न रखें।
- नमी वाली जगह पर न रखें।
- कई गीले ब्रश एक साथ न रखें।
टूथब्रश को कैसे करें सैनिटाइज?
- हर इस्तेमाल के बाद साफ पानी से धोएं।
- अतिरिक्त पानी झटक दें।
- सप्ताह में 1-2 बार सैनिटाइज करें।
- 3% हाइड्रोजन पेरॉक्साइड में 10-15 मिनट डुबो सकते हैं।
- माउथवॉश या सिरके (विनेगर) का उपयोग भी किया जा सकता है।
ध्यान रखें-
- माइक्रोवेव में न रखें।
- उबलते पानी में न डालें।
- डिशवॉशर का इस्तेमाल न करें।
- इससे ब्रिसल्स खराब हो सकते हैं।
सिर्फ पानी से धोना काफी है?
केवल पानी से धोने पर ब्रश के सभी बैक्टीरिया खत्म नहीं होते। पानी सतही गंदगी हटाता है, लेकिन ब्रिसल्स के अंदर फंसे सूक्ष्म जीव पूरी तरह नहीं हटते। इसलिए समय-समय पर ब्रश को सैनिटाइज करना जरूरी माना जाता है।
स्वस्थ दांतों के लिए याद रखें ये 10 जरूरी बातें
- दिन में दो बार ब्रश करें।
- ब्रश से पहले और बाद में हाथ धोएं।
- हर 2-3 महीने में ब्रश बदलें।
- बीमारी के बाद नया ब्रश लें।
- टॉयलेट के पास ब्रश न रखें।
- ब्रश को खुली जगह पर रखें।
- दूसरों का ब्रश इस्तेमाल न करें।
- हफ्ते में एक बार सैनिटाइज करें।
- सही ब्रशिंग तकनीक अपनाएं।
- दांतों की समस्या होने पर तुरंत डेंटिस्ट से मिलें।











