TMC को एक और झटका :राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक का इस्तीफा, 4 दिन में तीसरे सांसद ने छोड़ा ममता का साथ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद शुरू हुई नाराजगी अब खुली बगावत का रूप ले चुकी है। गुरुवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने इस्तीफा देकर ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका दे दिया।
पिछले चार दिनों में यह तीसरा राज्यसभा इस्तीफा है। इससे पहले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा और पार्टी छोड़ चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों ने TMC के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व संकट को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रकाश चिक बड़ाइक ने क्यों दिया इस्तीफा?
प्रकाश चिक बड़ाइक ने राज्यसभा के सभापति को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में लिखा कि, वह तत्काल प्रभाव से अपनी सदस्यता छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए राज्यसभा सचिवालय और सभापति का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने इस्तीफे की वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे TMC के भीतर जारी बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है।
चार दिन में तीन राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा
TMC के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात यह है कि राज्यसभा में उसके सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं।
हालिया इस्तीफों की टाइमलाइन
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तारीख |
नेता |
पद |
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8 जून |
सुखेंदु शेखर रॉय |
राज्यसभा सांसद |
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11 जून |
सुष्मिता देव |
राज्यसभा सांसद |
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12 जून |
प्रकाश चिक बड़ाइक |
राज्यसभा सांसद |
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे पार्टी का संकट और गहरा सकता है।
TMC में अब तक कितनी टूट?
विधानसभा से लेकर संसद तक TMC को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
TMC में बगावत का आंकड़ा
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सदन |
कुल सदस्य |
अलग हुए/इस्तीफा |
ममता के साथ |
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पश्चिम बंगाल विधानसभा |
80 विधायक |
58 विधायक |
22 विधायक |
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लोकसभा |
28 सांसद |
20 सांसद |
8 सांसद |
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राज्यसभा |
13 सांसद |
3 सांसद |
10 सांसद |
बागी खेमे का दावा है कि, उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है और जल्द ही और नेता उनके साथ जुड़ सकते हैं।
लोकसभा में भी बगावत
8 जून को TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया था। सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।
बागी लोकसभा सांसदों में शामिल प्रमुख नाम
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सांसद |
लोकसभा सीट |
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काकोली घोष |
बारासात |
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यूसुफ पठान |
बहरामपुर |
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शत्रुघ्न सिन्हा |
आसनसोल* |
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सायनी घोष |
जादवपुर |
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माला रॉय |
कोलकाता दक्षिण |
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रचना बनर्जी |
हुगली |
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शताब्दी रॉय |
बीरभूम |
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दीपक अधिकारी (देव) |
घाटाल |
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जून मालिया |
मेदिनीपुर |
हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा के बागी गुट में शामिल होने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
विधानसभा में कैसे शुरू हुई बगावत?
TMC में संकट की शुरुआत 3 जून को हुई थी, जब पार्टी के 58 विधायकों ने आधिकारिक विधायक दल से अलग होकर नया समूह बना लिया। बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग की। बाद में स्पीकर ने इस मांग को स्वीकार कर लिया। बागी गुट का दावा है कि, अब उनके साथ 64 से अधिक विधायक हैं।
राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात का क्या मतलब?
बढ़ते संकट के बीच TMC नेतृत्व लगातार डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहा है।
हाल की राजनीतिक गतिविधियां
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तारीख |
मुलाकात |
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9 जून |
ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की |
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10 जून |
अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मुलाकात की |
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8 जून |
INDIA गठबंधन की बैठक में ममता और अभिषेक शामिल हुए |
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बैठकों का मकसद विपक्षी एकजुटता बनाए रखना और TMC पर बढ़ते दबाव को कम करना हो सकता है।
कौन हैं प्रकाश चिक बड़ाइक?
प्रकाश चिक बड़ाइक पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले से आने वाले TMC के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं।
प्रकाश चिक बड़ाइक प्रोफाइल
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विवरण |
जानकारी |
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नाम |
प्रकाश चिक बड़ाइक |
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क्षेत्र |
अलीपुरद्वार, पश्चिम बंगाल |
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शिक्षा |
कॉमर्स ग्रेजुएट |
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कॉलेज |
सूर्यसेन कॉलेज, सिलीगुड़ी |
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राज्यसभा सदस्य बने |
अगस्त 2023 |
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लोकसभा चुनाव |
2024 में अलीपुरद्वार सीट से उम्मीदवार |
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राजनीतिक पहचान |
आदिवासी चेहरा, मजदूर नेता |
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पेशा |
पूर्व चाय बागान कर्मचारी और श्रमिक नेता |
उन्हें लंबे समय तक अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है।
TMC में फूट की 5 बड़ी वजहें
1. विधानसभा चुनाव में हार
चुनावी हार के बाद नेतृत्व और संगठन की रणनीति पर सवाल उठने लगे।
2. अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल
बागी नेताओं का आरोप है कि, पार्टी में फैसले कुछ लोगों तक सीमित हो गए हैं।
3. नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवाद
ऋतब्रत बनर्जी और आधिकारिक गुट के बीच टकराव ने संकट बढ़ाया।
4. हस्ताक्षर विवाद
नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़ा कथित हस्ताक्षर विवाद भी बड़ा कारण बना।
5. संगठन में लंबे समय से असंतोष
कई सांसद और विधायक लंबे समय से नेतृत्व शैली से नाराज बताए जा रहे थे।
राज्यसभा में अब कितने बचे TMC के सांसद?
प्रकाश चिक बड़ाइक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में TMC की संख्या घटकर 10 रह गई है।
TMC के शेष राज्यसभा सांसद
- डेरेक ओ'ब्रायन
- डोला सेन
- समीरुल इस्लाम
- राजीव कुमार
- मेनका गुरुस्वामी
- सागरिका घोष
- बाबुल सुप्रियो
- नदीमुल हक
- कोयल (नाम को लेकर आधिकारिक सूची का इंतजार)
- ममता बाला ठाकुर











