बॉलीवुड एक्टर Tiger Shroff फायरिंग केस में 13वीं गिरफ्तारी, हरियाणा से 22 साल की महिला गिरफ्तार; जांच में जुटी पुलिस

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हरियाणा के करनाल से 22 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस महिला का संबंध मामले में फरार चल रहे आरोपी अनिल पंडित से है। इतना ही नहीं, पुलिस को शक है कि महिला के बैंक अकाउंट से ही फायरिंग की साजिश में शामिल आरोपियों को पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस गिरफ्तारी के साथ ही Tiger Shroff Firing Case में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। आखिर इस महिला की क्या भूमिका थी और टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं? आइए जानते हैं पूरे मामले की जानकारी।
हरियाणा से पकड़ी गई 22 साल की महिला
Tiger Shroff Firing Case की जांच में मुंबई पुलिस को एक और अहम सुराग मिला है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के करनाल से 22 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार महिला फरार आरोपी अनिल पंडित की रिश्तेदार बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि महिला के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल आरोपियों तक पैसे पहुंचाने के लिए किया गया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला को पैसों के लेन-देन की जानकारी थी या उसका अकाउंट किसी दूसरे व्यक्ति ने इस्तेमाल किया था। महिला को 01 नवंबर 2026 को करनाल से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में स्थानीय करनाल पुलिस ने मुंबई क्राइम ब्रांच की मदद की। अब मुंबई पुलिस आरोपी महिला को मुंबई लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। उसे कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग की जा सकती है।
महिला के बैंक अकाउंट से ट्रांसफर हुए पैसे
इस मामले में गिरफ्तार महिला की भूमिका पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महिला का संबंध फरार आरोपी अनिल पंडित से है। पुलिस को शक है कि उसके बैंक अकाउंट के जरिए फायरिंग की साजिश में शामिल लोगों को रकम भेजी गई थी। किसे कितने पैसे ट्रांसफर किए गए, यह रकम किस काम के लिए इस्तेमाल हुई और इसके पीछे कौन लोग थे, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। जांच एजेंसियां अब पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले लोगों और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने वालों के बीच क्या संबंध था।
18 अक्टूबर को हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। बताया गया कि अभिनेता एक फुटबॉल मैदान से बाहर निकल रहे थे, तभी उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गईं। अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के समय टाइगर श्रॉफ अपनी गाड़ी में मौजूद थे। हमले में अभिनेता को हाथ में चोट आई थी, जबकि उनके ड्राइवर और पास में मौजूद एक व्लॉगर भी घायल हो गए थे। एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी भी सामने आई थी। इस घटना ने बॉलीवुड इंडस्ट्री से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया था। एक बड़े अभिनेता की गाड़ी पर इस तरह खुलेआम गोलीबारी होने के बाद मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और जांच को लेकर भी सवाल उठे थे।
ड्राइवर और अन्य लोग हुए घायल
फायरिंग की इस घटना में 36 वर्षीय अभिनेता टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, उन्हें हाथ में चोट आई थी। गोलीबारी के दौरान उनके ड्राइवर और पास खड़े एक व्लॉगर को भी चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना शुरू किया। पुलिस की जांच का दायरा केवल गोली चलाने वालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साजिश में शामिल लोगों, आर्थिक मदद करने वालों और आरोपियों के नेटवर्क की भी पड़ताल की गई।
Tiger Shroff Firing Case में अब तक 13 गिरफ्तारियां
मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक गोली चलाने वालों से लेकर साजिश और अन्य गतिविधियों में शामिल लोगों सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में तीन महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं। इस मामले में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत दर्ज किया गया था।
आरोपियों पर लगा MCOCA?
Tiger Shroff Firing Case में मुंबई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका (MCOCA) भी लगाया है। यह इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाइयों में से एक है। 27 अक्टूबर 2026 को सक्षम प्राधिकारी से MCOCA की धारा 23(1)(a) के तहत अनुमति मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ इस कानून के तहत कार्रवाई की गई। इसके साथ ही में MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) भी जोड़ी गईं। मकोका का इस्तेमाल संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किया जाता है। इस कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। पुलिस का उद्देश्य इस मामले में केवल फायरिंग करने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि कथित तौर पर इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की पहचान करना भी है।
अब अनिल पंडित की तलाश में जुटी पुलिस
हरियाणा के करनाल से महिला की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच में पैसों के लेन-देन का पहलू महत्वपूर्ण हो गया है। महिला का संबंध फरार आरोपी अनिल पंडित से बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस उसकी तलाश भी कर रही है।



















