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भोपाल:बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रही हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, पंजीकरण सिर्फ 2 का, दो दिन में दो सड़क हादसे

राजधानी भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन में हुए दो बड़े हादसों ने सिस्टम और लापरवाही दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना सुरक्षा के सड़कों पर दौड़ती ट्रॉलियां अब लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी हैं।
बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रही हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, पंजीकरण सिर्फ 2 का, दो दिन में दो सड़क हादसे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली की लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। बिना रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा के दौड़ रही ट्रॉलियां हादसों की बड़ी वजह बन चुकी हैं। नियम तो हैं, लेकिन पालन नहीं हो रहा, और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

    दो दिन में दो हादसे

    शहर में गुरुवार को ट्रैक्टर ट्रॉली से एक और सड़क हादसा हो गया। एक बाइक सवार आगे चल रहे ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गया। बुधवार को भी ट्रॉली की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। दरअसल शहर में सड़कों पर दौड़ रही ट्रॉलियां अवैध हैं। इनमें न तो सुरक्षा के कोई मानकों का पालन किया जा रहा हैं, और ही इनका रजिस्ट्रेशन आरटीओ में किया गया।

    हजारों ट्रॉलियां बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रही

    हालात यह हैं कि पिछले दो साल में भोपाल आरटीओ में 3 हजार 227 ट्रैक्टर रजिस्टर्ड हैं, लेकिन सिर्फ दो ट्रॉलियों का पंजीयन हो सका है। यानी हजारों ट्रॉलियां बिना पहचान, बिना अनुमति और बिना किसी सुरक्षा मानक के सड़कों पर दौड़ रही हैं। नियम साफ कहते हैं कि ट्रॉली का उपयोग केवल खेती के लिए ही किया जा सकता है, लेकिन हकीकत में इनका इस्तेमाल माल ढुलाई और सवारियां ढोने में हो रहा है।

    विशेषज्ञों की चेतावनी और नियम

    ट्रैफिक एक्सपर्ट संजय वर्मा के मुताबिक ट्रैक्टर में ट्रॉली जुड़ने के बाद उसका संतुलन और नियंत्रण काफी बदल जाता है। ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाती है और पलटने का खतरा रहता है। ज्यादातर ट्रॉलियों में न रिफ्लेक्टर हैं, न टेल लाइट, जिससे रात में हादसे बढ़ रहे हैं। नियमों के अनुसार ट्रॉली का रजिस्ट्रेशन, चेसिस नंबर, टेल लाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर अनिवार्य हैं। इसके साथ ही अगर ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाव सामान ढोने में किया जाता है तो 2200 रुपए प्रति सवारी जुर्माना लगाया जाता है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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