व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह कार्रवाई CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान के तहत इलाके को पूरी तरह घेराबंदी में लिया गया और इसे ‘ऑपरेशन किया’ नाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ मंगलवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुई, जब आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग कर दी। लगभग एक घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को गोली लगी, जिसके बाद वह अपने साथी के साथ पास की एक गुफा में घुसकर छिप गया। इलाके में तलाशी और निगरानी अभियान जारी है।
किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 भी जारी
उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 भी चल रहा है। यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था।
ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पिछले 15 दिनों में आतंकियों के साथ चार बार मुठभेड़ हो चुकी है। 18 जनवरी को हुए पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई।
ग्रेनेड हमले में जवान की इलाज के दौरान मौत
18 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिला के जंगलों में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें सुरक्षाबलों के 8 जवान घायल हो गए। अगले दिन, 19 जनवरी को घायल जवानों में शामिल हवलदार गजेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
फिलहाल किश्तवाड़ के तरू बेल्ट में मंडराल–सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ऑपरेशन त्राशी-1 लगातार जारी है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान तेज किया गया है।











